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भोपाल डबल मर्डर केस: पूर्व ASI को दोहरा आजीवन कारावास, पत्नी पर 56 और साली पर 12 बार किए थे चाकू से वार

Published: Thu, 15 Oct 2026 07:01 PM (IST)

भोपाल की विशेष अदालत ने पूर्व ASI योगेश मरावी को पत्नी और साली की बेरहमी से हत्या के मामले में ...और पढ़ें

पूर्व एएसआई योगेश मरावी। (सौ: विशेष लोक अभियोजक अधिकारी)

पूर्व एएसआई योगेश मरावी। (सौ: विशेष लोक अभियोजक अधिकारी)

HighLights

  1. पूर्व ASI योगेश मरावी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा।

  2. पत्नी और साली की बेरहमी से हत्या का दोषी करार।

  3. शस्त्र अधिनियम के तहत तीन साल का सश्रम कारावास भी।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पत्नी और साली की बेरहमी से हत्या करने के मामले में भोपाल की विशेष अदालत ने पुलिस के पूर्व सहायक उपनिरीक्षक (ASI) योगेश मरावी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने गुरुवार को दोनों हत्याओं के मामले में दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने प्रत्येक हत्या के लिए एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

मामले में आरोपित को प्रतिबंधित आकार-प्रकार का 10 इंच लंबा चाकू रखने के लिए शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत तीन साल के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की।

पत्नी-साली पर दनादन चाकू से वार

अभियोजन के अनुसार, वारदात के दौरान आरोपित ने पत्नी मेघा उइके पर चाकू से करीब 56 वार किए थे, जबकि साली विनीता पर लगभग 12 बार हमला किया गया था। मामले में पेश साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपित को दोषी ठहराया।

घर में घुसा, दरवाजा बंद किया और कर दिया हमला

घटना 3 दिसंबर 2024 की है। मृतक महिलाओं की भांजी आर्या मंडावी ने ऐशबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच घर में काम करने वाली सेवंती का फोन आया। सेवंती ने बताया कि वह मेघा उइके के घर पहुंची थी, तभी योगेश मरावी चाकू लेकर अंदर घुस आया। उसने उसे रोकते हुए दरवाजा बंद कर लिया।

कुछ देर बाद घर के भीतर से बचाओ-बचाओ की आवाजें सुनाई देने लगीं। आवाज सुनकर आर्या अपने स्वजन के साथ मौके पर पहुंची, लेकिन घर का दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर जाकर देखा तो मेघा और विनीता के शव कमरे के फर्श पर पड़े थे। दोनों के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू के गहरे घाव थे। घटनास्थल पर खून फैला हुआ था।

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चाकू, सीसीटीवी और फोरेंसिक साक्ष्य बने अहम आधार

दोनों महिलाओं की हत्या के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला। पुलिस ने घटनास्थल से चाकू और सीसीटीवी फुटेज भी जब्त किए।

अभियोजन ने अदालत में दस्तावेजी साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रानिक साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों पर विचार करने के बाद विशेष अदालत ने योगेश मरावी को दोनों हत्याओं और चाकू रखने के मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।