भोपाल में BPL राशनकार्ड घोटाला : SDM की आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग कर बने फर्जी कार्ड, 37 निरस्त; बड़े रैकेट के संकेत
भोपाल में बीपीएल राशनकार्ड बनाने में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रशासन ने 37 फर्जी कार्ड रद्द कर दिए हैं ...और पढ़ें

भोपाल में राशनकार्ड घोटाला (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी में बीपीएल राशनकार्ड बनाने में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। एमपी नगर एसडीएम कार्यालय की आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग कर कर्मचारियों ने अपात्र लोगों को राशनकार्ड जारी कर दिए। मामले की जांच के बाद प्रशासन ने 37 फर्जी कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं, जबकि पिछले एक साल में बने सभी कार्डों की जांच शुरू कर दी गई है।
तीन माह में 100 से ज्यादा कार्ड, कई अपात्र लाभार्थी
जनवरी से मार्च के बीच 100 से अधिक बीपीएल राशनकार्ड बनाए गए, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की पाई गई, जो पात्रता के दायरे में ही नहीं आते। जांच में सामने आया कि कलेक्ट्रेट कर्मचारियों, नगरीय प्रशासन से जुड़े ऑपरेटरों और ऐसे परिवारों को भी कार्ड जारी कर दिए गए, जिनके पास मकान, वाहन और 40-50 हजार रुपये मासिक आय है।
आईडी का दुरुपयोग कर तैयार किया फर्जी नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि वन विभाग के वन रक्षक किशोर मेहरा ने कार्यालय की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल करते हुए पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री सुरेश बैरागी और कंप्यूटर ऑपरेटर गोविंद माली के साथ मिलकर इस गड़बड़ी को अंजाम दिया। प्रशासन इसे संगठित स्तर पर किया गया फर्जीवाड़ा मान रहा है।
दो कर्मचारी निलंबित, नोटिस जारी
इस मामले में अपर कलेक्टर सुमित पांडेय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किशोर मेहरा और सुरेश बैरागी को निलंबित कर दिया है। वहीं कोलार स्थित सिद्धार्थ टावर निवासी स्वाती टांडेकर को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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सालभर का रिकॉर्ड खंगालेंगे
प्रशासन ने सभी एसडीएम से पिछले एक वर्ष में बनाए गए बीपीएल राशनकार्डों का पूरा ब्योरा तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे में आने वाले सभी अपात्र कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
इस खुलासे ने न केवल सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि राशन वितरण प्रणाली में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका हो सकती है।
