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AI बताएगा कौन-सी जड़ी-बूटी करेगी असर! भोपाल के सरकारी आयुर्वेद अस्पताल में उपचार की नई पहल; हर मरीज का बनेगा हेल्थ प्लान

By Mukesh VishwakarmaEdited By: Ravindra Soni
Published: Wed, 21 Oct 2026 11:03 PM (IST)

भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद अस्पताल में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से मरीजों का इलाज होगा। ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. एआई आधारित इलाज भोपाल के आयुर्वेद अस्पताल में शुरू।

  2. मरीज की प्रकृति अनुसार जड़ी-बूटी, दवा का सुझाव।

  3. सटीक उपचार से दवा का असर बढ़ेगा, समय बचेगा।

मुकेश विश्वकर्मा, भोपाल। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी आयुर्वेद अस्पताल में अब इलाज का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। अब वैद्य के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) भी बताएगा कि किस मरीज को कौन सी जड़ी-बूटी और दवा ज्यादा असर करेगी। पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में एआई आधारित इलाज की तैयारी शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ओपीडी में रोजाना 800 से ज्यादा मरीज आते हैं। कई बार मरीज की पुरानी रिपोर्ट, लक्षण और प्रकृति को समझने में समय लगता है।

इसी को आसान बनाने के लिए आईटी सेल ने एक खास सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसमें मरीज के लक्षण, ब्लड रिपोर्ट, पुरानी बीमारी और नाड़ी परीक्षण का डाटा फीड किया जाएगा। इसके बाद एआई एनालिसिस कर बताएगा कि मरीज के लिए कौन सा काढ़ा, कौन सी भस्म, कौन सी पंचकर्म विधि और कौन सा योग सबसे ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

ये होंगे फायदे

इससे दो बड़े फायदे होंगे। पहला दवा का असर बढ़ेगा, क्योंकि इलाज मरीज की प्रकृति के हिसाब से होगा। दूसरा, डॉक्टरों का समय बचेगा। अभी अस्पताल में एआई आधारित मशीनों की खरीदी प्रक्रिया चल रही है और दो सिस्टम पर ट्रायल भी शुरू हो गया है।

अस्पताल में अभी 50 एकड़ के कैंपस में आयुर्वेदिक फार्मेसी, पंचकर्म वेलनेस सेंटर और अब एआई लैब, तीनों पर एक साथ काम हो रहा है। प्रबंधन का दावा है कि सरकारी क्षेत्र में एआइ और आयुर्वेद का यह संगम देश में पहला प्रयोग होगा।

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फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। हम देख रहे हैं कि एआई द्वारा सुझाई गई दवा और हमारे डॉक्टरों के अनुभव में कितना अंतर है। ट्रायल के परिणाम संतोषजनक रहे तो इसे जल्द ही ओपीडी में नियमित रूप से शुरू किया जाएगा। हमारा मकसद है कि आयुर्वेद को नई तकनीक से जोड़कर मरीजों को सटीक और जल्दी इलाज दिया जाए।
- डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद अस्पताल व महाविद्यालय।