भोपाल के लाल परेड मैदान में आज मां राजराजेश्वरी का महाअनुष्ठान: 50 हजार भक्त करेंगे एक करोड़ अर्चन; 1100 आचार्य जुटेंगे
भोपाल के लाल परेड मैदान में 26 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर संत श्री रावतपुरा सरकार के सानिध्य में श्री ...और पढ़ें

लाल परेड मैदान पर महाअनुष्ठान की तैयारियां पूरी हो गई हैं। (फोटो- जागरण)
HighLights
लाल परेड मैदान में 50 हजार श्रद्धालु करेंगे महाअनुष्ठान।
संत श्री रावतपुरा सरकार के सानिध्य में होगा पूजन।
प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि हेतु एक करोड़ अर्चन।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार, 26 अक्टूबर को राजधानी भोपाल का लाल परेड मैदान भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा। यहां संत श्री रावतपुरा सरकार महाराज के सानिध्य में श्री मां राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुंकुमार्चन महानुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस दौरान भक्त एक साथ बैठकर मां भगवती का एक करोड़ अर्चन करेंगे। आयोजन का उद्देश्य प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना करना है।
भोपाल में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित हो रहे इस महापूजन में काशी, हरिद्वार, वृंदावन और रावतपुरा सरकार देवस्थानम से आए 1100 वैदिक आचार्य अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। कार्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह निश्शुल्क रखा गया है। आयोजन समिति की ओर से पूजन की संपूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे श्रद्धालु अनुष्ठान के बाद अपने साथ घर भी ले जा सकेंगे।
शाम 7 बजे शुरू होगा अनुष्ठान
आयोजन की तैयारियों और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए भक्तों से शाम 5:30 बजे तक लाल परेड मैदान पहुंचकर अपना स्थान ग्रहण करने की अपील की गई है। श्रद्धालुओं को पारंपरिक भारतीय परिधान में आने के लिए कहा गया है। महापूजन शाम 7 बजे शुरू होगा।
आयोजन समिति के अनुसार, संत श्री रावतपुरा सरकार ने इस अनुष्ठान को जनकल्याण, युवाओं में सकारात्मक चेतना के संचार और मानसिक शांति की भावना से जुड़ा बताया है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर होने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर राजधानी में विशेष उत्साह है।
नेपाल समेत विभिन्न जगहों से 22 तरह की पूजन सामग्री पहुंची भोपाल
कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन को भव्य स्वरूप देने के लिए देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से 22 प्रकार की विशेष पूजन सामग्री मंगाई गई है। महापूजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की मात्रा और विविधता आयोजन का प्रमुख आकर्षण है।
आयोजन के लिए नेपाल से 31 क्विंटल रुद्राक्ष के दाने, केरल से 1100 चांदी के सिक्के, देवास से 100 क्विंटल पिसी हल्दी और कोल्हापुर से 11 क्विंटल रोली-कुमकुम मंगाया गया है। इसके अलावा सूरत से 11 हजार साड़ियां, पन्ना से 11 लाख बिल्व पत्र और कोलकाता से 21 हजार पान के पत्ते भोपाल पहुंचे हैं।
भुसावल से 21 टन केले, ओडिशा से 31 हजार नारियल, झांसी से एक लाख मिट्टी के कलश और दीपक तथा जम्मू से 10 क्विंटल सेब भी मंगाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर सवा लाख बूंदी के लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। अर्चन के बाद मां राजराजेश्वरी को विशेष छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा।
सुरक्षा में 500 से अधिक पुलिसकर्मी
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मैदान और आसपास के क्षेत्रों में 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने पेयजल, एंबुलेंस, सहायता केंद्र और श्रद्धालुओं के सुचारु निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यातायात पुलिस के अनुमान के अनुसार, आयोजन में करीब 100 बसों, 4000 चार पहिया वाहनों और 8000 दोपहिया वाहनों से श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर के कई मार्गों पर यातायात में बदलाव किया गया है। भारी वाहनों, यात्री बसों और हल्के-मध्यम व्यावसायिक वाहनों के लिए डायवर्जन दोपहर 3 बजे से लागू रहेगा।
पांच दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग मार्ग
रायसेन, सागर और दमोह रोड से आने वाले श्रद्धालु: बसें पटेल नगर बायपास, पिपलानी पेट्रोल पंप, महात्मा गांधी चौराहा, चेतक ब्रिज, एमपी नगर और पुरानी जेल रोड होते हुए सत्कार द्वार पहुंचेंगी। श्रद्धालुओं को उतारने के बाद बसें पुरानी जेल परिसर मैदान में पार्क होंगी। कार और दोपहिया वाहन सत्कार द्वार से प्रवेश कर आम वाली बगिया में खड़े किए जाएंगे।
नर्मदापुरम रोड, जबलपुर और बुधनी की ओर से आने वाले श्रद्धालु: वाहन 11 मील, बागसेवनिया थाना चौराहा, सावरकर सेतु, नया ब्रिज और पुरानी जेल रोड से पहुंचेंगे। बसें सत्कार द्वार पर श्रद्धालुओं को उतारेंगी और पुरानी जेल परिसर मैदान में पार्क होंगी। कार व दोपहिया वाहनों की पार्किंग आम वाली बगिया में रहेगी।
रातीबड़ और नीलबड़ से आने वाले श्रद्धालु: बसें भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, माता मंदिर, रोशनपुरा और गांधी पार्क होते हुए विजय द्वार पहुंचेंगी। बसों की पार्किंग एमएलए रेस्ट हाउस परिसर में होगी, जबकि कार और दोपहिया वाहन आम वाली बगिया में खड़े होंगे।
लालघाटी और वीआईपी रोड की ओर से आने वाले श्रद्धालु: वाहन गांधीनगर, लालघाटी, वीआईपी रोड, पालिटेक्निक चौराहा और गांधी पार्क से होकर पहुंचेंगे। बसें विजय द्वार पर यात्रियों को उतारने के बाद एमएलए रेस्ट हाउस परिसर में पार्क की जाएंगी।
भारत टाकीज और लिली टाकीज की ओर से आने वाले श्रद्धालु: बस, कार और दोपहिया वाहन भारत टाकीज, लिली टाकीज और पीएचक्यू तिराहा होते हुए सिकंदरिया मैदान तक पहुंचेंगे। यहां, जहांगीराबाद थाने के सामने वाहन पार्क किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को गेट नंबर-6 से पैदल प्रवेश करना होगा।
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रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वालों के लिए भी बदले रास्ते
महापूजन के कारण शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में यात्रियों को घर से निकलने से पहले निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
एमपी नगर और हबीबगंज से पालिटेक्निक, वीआइपी रोड तथा एयरपोर्ट जाने वाले वाहन लिंक रोड नंबर-1, रोशनपुरा और बाणगंगा मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। हमीदिया रोड से रोशनपुरा जाने वाले भारी, मध्यम, हल्के व्यावसायिक और यात्री वाहन संगम तिराहा, बजरिया, 80 फीट रोड, अशोका गार्डन, प्रभात चौराहा, सुभाष ओवरब्रिज और बोर्ड आफिस होकर जाएंगे। जिंसी से पुराने पीएचक्यू जाने वाले वाहन लिली चौराहे से निकल सकेंगे।
नादरा बस स्टैंड और भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-6 जाने वाले वाहनों के लिए पालिटेक्निक, रेतघाट, रायल मार्केट और हमीदिया रोड का मार्ग निर्धारित किया गया है। वहीं, प्लेटफार्म नंबर-1 पहुंचने के लिए सुभाष ओवरब्रिज, प्रभात चौराहा और 80 फीट रोड का उपयोग किया जा सकेगा।
संगम टाकीज, भारत टाकीज, लिली, जिंसी, एमपी नगर थाना चौराहा, रोशनपुरा और मछली घर के आसपास यातायात का दबाव रह सकता है। हालांकि, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के आवागमन पर प्रतिबंध नहीं रहेगा।
