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बरगी क्रूज हादसे पर सख्त एक्शन, पायलट-हेल्पर समेत तीन बर्खास्त; मैनेजर सस्पेंड

Published: Fri, 01 May 2026 09:04 PM (IST)Updated: Fri, 01 May 2026 09:32 PM (IST)

जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ...और पढ़ें

बरगी में क्रूज हादसे के बाद रेस्क्यू के दौरान बचाव दल के सदस्य।

बरगी में क्रूज हादसे के बाद रेस्क्यू के दौरान बचाव दल के सदस्य।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। जबलपुर के बरगी जलाशय में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के अगले दिन प्रशासन ने लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए कई जिम्मेदारों पर गाज गिराई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर क्रूज संचालन से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कदम उठाए गए हैं।

क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है।

इसके अलावा, रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिससे पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की जा सके।

दोषियों को नहीं मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर स्वयं इस बात की जानकारी दी और साफ शब्दों में कहा है कि इस गंभीर हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।

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घटनास्थल पहुंचकर हालात का लिया जायजा

शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बरगी बांध पहुंचे और क्रूज हादसे को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान सैन्य अधिकारी एस. बनर्जी ने राहत एवं बचाव कार्यों की पूरी स्थिति से अवगत कराया।

पीड़ितों को बंधाया ढाढस

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।

हरसंभव मदद का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके नुकसान की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

उच्चस्तरीय जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री ने इस हादसे की गहन जांच के आदेश देते हुए कहा कि महानिदेशक होमगार्ड नागरिक सुरक्षा, राज्य शासन के सचिव और जबलपुर संभागायुक्त संयुक्त रूप से मामले की जांच करेंगे। यह जांच तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार की जा सके।

बचाव दल की सराहना, इनाम की घोषणा

राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के श्रमिकों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के गोताखोरों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि उनकी तत्परता के चलते 28 लोगों की जान बचाई जा सकी।

मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को 51-51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। साथ ही, सभी बचावकर्मियों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की बात भी कही।

जांच के मुख्य बिंदु

  • हादसे के वास्तविक कारणों की गहन पड़ताल।
  • दुर्घटना के समय की परिस्थितियों का विश्लेषण
  • क्रूज संचालन से जुड़े नियम, कानून और सुरक्षा मानकों की जांच

ये रहे मौजूद

इस दौरान उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद आशीष दुबे, विधायक नीरज सिंह, अशोक रोहाणी, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।