कौन हैं आशुतोष तिवारी? दतिया उपचुनाव में 'धुरंधर' को दरकिनार कर जिस नए चेहरे पर भाजपा ने लगाया दांव
भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित ...और पढ़ें

आशुतोष तिवारी (सौजन्य- इंटरनेट मीडिया)
HighLights
भाजपा ने दतिया उपचुनाव में आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया।
आशुतोष तिवारी बीते 25 साल से संघ की गतिविधियों में सक्रिय हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में सेवढ़ा से मांगा था टिकट, अब मिला इनाम।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ यह माना जा रहा था भाजपा इस सीट पर अपने कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को प्रत्याशी बनाएगी। उपचुनाव के एलान के तुरंत बाद नरोत्तम की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात भी हुई, जिससे ऐसी संभावनाओं को बल मिला। इतना ही नहीं, नरोत्तम ने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने दतिया उपचुनाव के लिए जिस नाम पर मुहर लगाई, उसने सबको चौंका दिया। भाजपा ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया, जिनका संघ से गहरा जुड़ाव रहा है।
संघ की पृष्ठभूमि, संगठन में लंबा अनुभव
दतिया जिले के भांडेर तहसील के पिपरौआकलां निवासी आशुतोष तिवारी लंबे समय से आरएसएस से जुड़े रहे। कालेज राजनीति में भी आरएसएस के आयोजनों में वह सक्रियता दिखाते थे। डबल एमए पास आशुतोष तिवारी को तत्कालीन शिवराज सरकार में मप्र हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष का दायित्व मिला था। वह संभागीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
2023 में टिकट नहीं, अब मिला बड़ा मौका
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने दतिया जिले की सेवढ़ा विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट भी मांगा था। लेकिन उस समय उनकी यह मांग पूरी नहीं हो सकी और पार्टी ने प्रदीप अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया। इस बार दतिया उपचुनाव में पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है।
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किसान परिवार से जुड़ाव
आशुतोष तिवारी के पिता स्वर्गीय कुंजबिहारी कृषक थे। उनकी परिवारिक पृष्ठभूमि कृषि और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी रही। आशुतोष के बड़े भाई संजीव तिवारी भांडेर के ही सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। जबकि मां गृहणी हैं। 51 वर्षीय आशुतोष तिवारी पिछले 25 वर्षों से संघ की राजनीति में सक्रिय हैं। इसीके चलते उन्हें शिवराज सरकार में मध्य प्रदेश गृह निर्माण मंडल का अध्यक्ष बनाकर केबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था।
18 साल बाद दतिया में बीजेपी का नया चेहरा
भाजपा ने इस बार उन्हें पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की बजाय दतिया विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारकर अप्रत्याशित निर्णय लिया है। दतिया उपचुनाव में भाजपा की ओर से करीब 18 साल बाद कोई नया चेहरा मैदान में होगा। वर्ष 2008 के बाद से लगातार चार विस चुनाव में पूर्व गृहमंत्री डा.मिश्रा ही उम्मीदवार रहे थे।
