इंदौर, जेएनएन । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की विभिन्न कालोनियों में डायरी पर प्लाट बेचकर लोगों को ठगने और धोखाधड़ी करने वाले प्रापर्टी ब्रोकर और दलालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अभियान शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में जिला प्रशासन ने ऐसे नौ दलालों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। इसके साथ ही आम जनता और भूखंड खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए कलेक्टर मनीष सिंह ने एक गाइडलाइन भी जारी की है।

दूसरी तरफ अपर कलेक्टर राजेश राठौड़ ने नौ दलालों के खिलाफ लिखित शिकायत के आधार पर गिरफ्तारी वारंट जारी कर संबंधित थानों को लिखा है। इन सभी दलालों से पूछताछ के बाद बाउंड ओवर की कार्रवाई की जाएगी। इनमें दलाल नीलेश वीरेंद्र पोरवाल, संजय गोवर्धन मलानी, उमेश सुंदरलाल डेम्बला, सुनील मनोहरलाल जैन, प्रशांत दिनेश खंडेलवाल, गौतम पन्नालाल जैन, गणेश खंडेलवाल, कमल त्रिलोकचंद गोयल और हर्ष चुघ शामिल हैं।

शहर और इसके आसपास कई ऐसी कालोनियां हैं जिनमें जरूरतमंद लोगों ने अपनी जमा पूंजी और बैंक से लोन लेकर प्लाट खरीदा लेकिन कालोनाइजर और दलालों की धोखाधड़ी के कारण अब तक उन्हें अपना हक नहीं मिल पाया है। भूखंड का पैसा चुकाने के बावजूद कुछ कालोनाइजरों की चालबाजी और धोखाधड़ी के कारण कई लोग परेशान हो रहे हैं।

इसके बाद प्रदेश सरकार ने यह घोषणा की थी कि कालोनियों में धोखाधड़ी करने वाले कालोनाइजर, दलाल और बिल्डरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी। शासन से मिले निर्देशों के बाद ही जिला प्रशासन अब जाकर सक्रिय हुआ है।

- कालोनाइजर और दलालों से प्लाट खरीदारों के हित सुरक्षित रखने के लिए एसडीएम और तहसीलदार अपने क्षेत्र में विकसित हो रही कालोनियों का सतत भ्रमण करते रहें। कालोनी के हितग्राहियों से चर्चा करें कि उन्हें कोई समस्या तो नहीं है?

- स्वयं के सूचना तंत्र ऐसे कालोनाइजरों की जानकारी जुटाएं जो खुद की वित्तीय क्षमता से अधिक वित्तीय भार वाली कालोनी में संलिप्त होकर खुद या दलालों के जरिए अवैध तरीके से डायरियों पर प्लाट बेच रहे हैं।

- डायरी पर बेचे गए प्लाट के बारे में किसी भी हितग्राही की शिकायत आती है तो उसे लिखित में लें। ऐसी शिकायत पर कालोनाइजर और उनके दलालों से पूछताछ करें। साथ ही शिकायतकर्ता को कम से कम समय में न्याय दिलाएं।

- डायरी वाले प्रकरणों में कालोनाइजरों या दलालों से हितग्राही या खरीदार के पक्ष में वैधानिक रूप से अंतरण कराना होगा ताकि भूखंड पर खरीदार या हकदार जनता का अधिकार सुरक्षित रह सके।

- डायरी के माध्यम से कालोनाइजर या दलाल को दी गई राशि हितग्राही को घोषित करना होगा। उस राशि पर देय विभिन्न करों का भुगतान किया जा चुका है, यह भी सुनिश्चित करना होगा।

- यदि किसी एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार को पता चलता है कि उनके क्षेत्र में डायरी आधारित व्यवस्था पर भूखंडों की बिक्री हो रही है तो वे भूखंड खरीदार के पक्ष में वैधानिक अनुबंध या दस्तावेज लिखवाकर दिलाएं।

- सभी दलालों का रेरा पंजीयन होना अनिवार्य है। रेरा पंजीयन के बिना कोई दलाली करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। धोखाधड़ी करने वाले दलालों की जांच कर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया जाएगा।

- गलत कार्य करने वाले कालोनाइजरों और दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन वैधानिक रूप से कार्य करने वाले कालोनाइजर व बिल्डर को परेशान न किया जाए। 

Edited By: Priti Jha