भोपाल [ब्यूरो]। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा की ओर से सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही। कांग्रेस मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे पर अड़ गई है। नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने कहा कि विधानसभा चलाने का औचित्य समाप्त हो रहा है, सरकार सभी सबूतों को नष्ट करने में लगी है। दस्तावेजी प्रमाणों को सदन में झुठलाया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि नम्रता डामोर की हत्या को किसने छुपाया। वहीं, शिवराज मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य गोपाल भार्गव ने कहा कि चर्चा की नई शुरुआत हुई है। व्यापमं घोटाले की सीबीआई जांच हो रही है तो फिर यहां चर्चा का औचित्य ही नहीं रह गया है। उधर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा ने कहा कि चर्चा सार्थक रही पर कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है।

सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा, पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव और वित्त मंत्री जयंत मलैया शामिल हुए। कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष के अलावा रामनिवास रावत उपस्थित हुए। निर्दलीय विधायक दिनेश राय मुनमुन ने भी हिस्सा लिया और सत्र को हर हाल में चलाने का सुझाव रखा। राय ने बताया कि कांग्रेस की ओर से पांच बिन्दु उठाए गए थे।

चर्चा कराई तो ही चलेगा सदन: उधर, कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा के सभाकक्ष में बैठक करके सत्र को लेकर रणनीति को अंतिम रूप दिया।

सूत्रों ने बताया कि सर्वसम्मति से तय किया गया कि जब तक सरकार भरोसा नहीं दिलाती है कि व्यापमं पर चर्चा होगी, तब तक सदन को चलने नहीं दिया जाएगा।

बैठक में ये सुझाव भी आया कि प्रश्नकाल को चलने दिया जाए और जब-जब मौके मिले सरकार को व्यापमं के मुद्दे पर घेरा जाए, लेकिन इसे मान्य नहीं किया गया। कुछ विधायक जरूर अपने क्षेत्र और दूसरे मुद्दे छूट जाने की बात उठाते रहे।

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस का केंद्रीय संगठन, खासतौर पर राहुल गांधी का कार्यालय, मामले पर सीधे नजर रख रहा है। विधायक दल को कहा गया है कि इस मुद्दे पर किसी प्रकार की ढील न देते हुए सरकार को जमकर घेरा जाए।

Posted By: Bhupendra Singh

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