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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal: ईद को लेकर MP वक्फ बोर्ड की एडवाइजरी: कुर्बानी के वीडियो को न करें प्रसारित, सड़कों पर नहीं पढ़ें नमाज

By Jagran NewsEdited By: Babli Kumari
Published: Wed, 28 Jun 2023 07:38 AM (IST)

Bhopal Eid Advisory By MP Waqf Board ईदुल अजहा इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में एक है। इस वजह से ...और पढ़ें

ईद को लेकर MP वक्फ बोर्ड ने जारी की एडवाइजरी (फाइल फोटो)
ईद को लेकर MP वक्फ बोर्ड ने जारी की एडवाइजरी (फाइल फोटो)

भोपाल, जागरण डेस्क। Eid Namaz Advisory: ईदुल अजहा इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में एक है। इस वजह से बोर्ड ने अपने अधीनस्थ वक्फ मुतवल्लियों एवं प्रबंध समितियों के लिए यह एडवाइजरी जारी की। ईद पर कुर्बानी और नमाज को लेकर एमपी वक्फ बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसमें कुर्बानी के वीडियो, आडियो और फोटो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की समझाइश दी गई है।

साथ ही नमाज ईदगाह के अंदर एवं मस्जिद परिसर में ही पढ़ने को कहा गया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि गैर-जरूरी तौर पर सड़कों पर नमाज अता न की जाए। वक्फ बोर्ड ने इस तरह की एडवाइजरी पहली बार जारी की है।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डा सनवर पटेल ने मंगलवार को एडवाइजरी जारी की है। बता दें कि बोर्ड के अंतर्गत प्रदेशभर में मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाह-मजार, ईदगाह, कर्बला एवं मदरसा-स्कूल आदि के रूप में लगभग 15 हजार वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं। 

एडवाइजरी में क्या है

  • प्रशासन द्वारा कुर्बानी को लेकर जारी निर्देशों का पालन करें। आमजनों को भी एडवाइजरी का पालन करवाएं।
  • कुर्बानी की जगह को चारों ओर से दीवार या टीनशेड से मजबूती से बंद रखें। उक्त जगहों पर जरूरी दवाओं का छिड़काव भी कराएं।
  • कुर्बानी के लिए चयनित स्थानों पर ही कुर्बानी करें। कुर्बानी के बाद अनुपयोगी अवशेष सुरक्षित एवं नगरीय निकाय द्वारा रखे कंटेनर या चयनित स्थान पर ही डालें।
  • प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी सूरत में न करें। सरकारी आदेशों का सख्ती से पालन करें।
  • कुर्बानी का कोई भी वीडियो, फोटो या आडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित न करें।
  • ईद की नमाज केवल ईदगाह के अंदर एवं मस्जिद परिसर में ही पढ़ें। गैर जरूरी तौर पर सड़कों में नमाज अता करने से बचें। जरूरत महसूस होने पर स्थानीय प्रशासन को भरोसे में लेकर ईद की नमाज अता करें।