यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मध्य प्रदेश में 35 हजार बिजलीकर्मी हड़ताल पर, बिजली आपूर्ति ठप होने के आसार
MP Electricity crisis मध्य प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर 35 हजार बिजली कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। इससे राज्य ...और पढ़ें

भोपाल, जेएनएन। मध्य प्रदेश में सोमवार सुबह से ही 35 हजार बिजली कर्मियों ने हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल में कंपनी के अधिकारी, इंजीनियर, कर्मचारी और संविदा कर्मी शामिल हैं। ये कर्मचारी हड़ताल के लिए किसी स्थान पर एकत्रित नहीं हुए हैं बल्कि कार्यालयों में कार्य करने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। ये कर्मचारी घरों में रहकर ही हड़ताल कर रहे हैं। यदि यूनाइटेड फोरम समेत अन्य संगठनों के दावे के अनुरूप यदि हड़ताल जारी रही तो राजधानी भोपाल समेत कई क्षेत्रों में शाम तक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बिगड़ सकती है। इससे दीपावली पूर्व व्यापारियों व उपभोक्ताओं को कठिनाई होगी। बिजली कर्मियों का कहना है कि दीपावली से पहले उन्हें महंगाई भत्ता, वेतन वृद्धि के एरियर की राशि का लाभ नहीं दिया गया और पूर्व में लंबित मांगों का निराकरण नहीं करना बताया गया।
यूनाइटेड फोरम के संयोजक वीकेएस परिहार ने आज (सोमवार) सुबह से हड़ताल शुरू होने की पुष्टि की है साथ ही अन्य कर्मचारियों ने भी कहा कि वे हड़ताल पर हैं। वीके एस परिहार का कहना है कि हड़ताल शुरू हो चुकी है। जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी। इस दौरान कोई भी अधिकारी, अभियंता, संविदा कर्मचारी और नियमित कर्मचारी काम नहीं करेंगे और अपने ही घरों में रहकर हड़ताल पर रहेंगे। अगर इस दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियों को इसकी जवाबदारी देनी होगी। बिजली कर्मियों ने हड़ताल की सूचना पहले ही दे दी थी।
जानें क्या है हड़ताल की वजह
-बिजली कंपनियों के हजारों इंजीनियर वरिष्ठ हो चुके हैं लेकिन उनकी पदोन्नति नहीं हो रही है और पदोन्नति के सेवानिवृत्त भी हो रही हैं।
- संविदाकर्मियों को काम करते हुए सात साल से 15 साल तक हो चुके हैं लेकिन उन्हें अभी तक नियमित नहीं किया गया है।
- इन कंपनियों में प्रमुख पदों पर को अभी तक भाग के ही मैदानी व अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति की जाती थी लेकिन अब इनकी जगह राज्य प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों को रखने की शुरुआत की है।
-बिजली विभाग से जुड़े कुछ कार्यो को प्राइवेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है इसके अलावा पूरा सेटअप बिजली कंपनियों का होगा। प्राइवेट कंपनियों के कारण शासकीय पद समाप्त होंगे जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी।
