बैतूल में दूध-केला खाने के बाद 32 बच्चों को उल्टी-दस्त, अस्पताल में कराया भर्ती
बैतूल के भीमपुर स्थित एक स्कूल में दूध और केले का सेवन करने के बाद 32 बच्चे उल्टी-दस्त से बीमार ...और पढ़ें

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचाररत बच्चे।
HighLights
भीमपुर में 32 बच्चे दूध-केला खाकर बीमार हुए।
उल्टी-दस्त के बाद सभी अस्पताल में भर्ती कराए गए।
बच्चों की हालत स्थिर, दूध के नमूने जांच को भेजे।
डिजिटल डेस्क, बैतूल। जिले के भीमपुर विकासखंड में स्थित ग्राम भांडरी में शुक्रवार को स्वयंसेवी संस्था के सेवा कुटीर स्कूल में पढ़ने वाले 32 बच्चे दूध और केले का सेवन करने के बाद उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गए। घबराए स्वजन तत्काल ही शाम करीब चार बजे बच्चों को लेकर भीमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बताया कि बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। उन्हें जिला अस्पताल या अन्य कहीं रेफर करने की भी जरूरत नही है। दूध के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी, ताकि पता चल सके कि बच्चों की हालत किस कारण से बिगड़ी है।
सेवा कुटीर से लौटे थे बच्चे
एक पीड़ित बच्चे के पिता सुमरत कासदे ने बताया कि भांडरीढाना में परिवार एजुकेशन सोसायटी के द्वारा सेवा कुटीर स्कूल का संचालन किया जाता है, जिसमें बच्चों को पढ़ाने के साथ अन्य गतिविधियां सिखाई जाती हैं। शुक्रवार को जब बच्चे घर आए तो कुछ देर बाद उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी।
पूछने पर बताया कि स्कूल में उन्हें दूध-केला और बरबटी के बीज खाने के दिए गए थे। जब एक के बाद एक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी तो स्वजन उन्हें लेकर भीमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। तत्काल ही बच्चों का उपचार प्रारंभ किया गया।
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स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे सीएमएचओ
जानकारी मिलने पर सीएमएचओ डा संजीव शर्मा भी भीमपुर अस्पताल पहुंचे और चिकित्सा टीम को अलर्ट कर उपचार प्रारंभ कराया। बच्चों ने दूध, केला खाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तत्काल ही स्कूल से दूध का सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। सभी बच्चों की हालत सामान्य है, किसी को भी रेफर करने की आवश्यकता नही है।
सीएमएचओ ने आशंका जताई कि विषाक्त भोजन के कारण ही बच्चों का स्वास्थ्य खराब हुआ है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों और 108 एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा गया है।
