इंदौर, जेएनएन। मध्यप्रदेश इंदौर शहर में कोरोना से मौत का आंकड़ा 1412 पर पहुंच गया है। सोमवार को कोरोना के कहर से शहरवासियों को हल्की सी राहत मिली। सात दिन बाद ऐसा हुआ जब एक दिन में दो हजार से कम संक्रमित मिले। संक्रमण दर भी पांच दिन बाद 20 प्रतिशत से नीचे पहुंची। सोमवार को तीन संक्रमितों की मौत भी हुई। इसे मिलाकर जिन तीन लोगों की सोमवार को मौत हुई उनमें दो पुरुष और एक महिला है।

इंदौर जिले में अब तक 48 हजार से ज्यादा लोगों को सतर्कता डोज लग चुकी है। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर हैं जिन्होंने पात्र होने के बावजूद अब तक सतर्कता डोज नहीं लगवाई है। सीएमएचओ ने इस संबंध में सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि उनके यहां सभी स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना की सतर्कता डोज लग गई है।

मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक सोमवार को 10,213 सैंपलों की जांच की गई। इनमें 1963 संक्रमित मिले। यानी सोमवार को संक्रमण दर 19.22 प्रतिशत रही। सोमवार को 2104 मरीज बीमारी को हराकर ठीक हुए हैं। शहर में अब तक 33 लाख 77 हजार 757 सैंपल जांचे जा चुके हैं। इनमें से एक लाख 88 हजार 179 संक्रमित मिले हैं। एक लाख 64 हजार 947 मरीज कोरोना से पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं।

इंदौर जिले में सोमवार को कोरोना के 7652 टीके लगाए गए। 3393 लोगों ने सतर्कता डोज लगवाई। 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 1694 किशोरों ने कोरोना का पहला टीका लगवाया। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को 20 हजार टीके लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इसका 40 प्रतिशत भी हासिल नहीं हो सका। सोमवार को 600 चिकित्साकर्मियों, 443 फ्रंटलाइन वर्करों को सतर्कता डोज लगाई गई। 60 वर्ष से अधिक उम्र के 778 बुजुर्गों ने भी सतर्कता डोज लगवाई। 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 478 लोगों ने पहला व 739 ने दूसरा, 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 25 लोगों ने पहला और 123 ने दूसरा, 60 वर्ष से अधिक उम्र के 14 लोगों ने पहला और 72 ने दूसरा टीका लगवाया। 

Edited By: Priti Jha