विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केदारनाथ में इस साल दो लाख चालीस हजार श्रद्धालुओं को पड़ी उपचार की जरूरत, 10,627 लोगों की आक्सीजन देकर बचाई गई जान

By Brijesh bhattEdited By: riya.pandey
Published: Fri, 20 Oct 2023 07:57 AM (IST)

Kedarnath Dham चारधाम और यात्रा पड़ावों पर उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाएं इस बार तीर्थ यात्रियों के लिए संजीवनी साबित ...और पढ़ें

Kedarnath Dham: केदारनाथ में इस साल दो लाख चालीस हजार श्रद्धालुओं को पड़ी उपचार की जरूरत
Kedarnath Dham: केदारनाथ में इस साल दो लाख चालीस हजार श्रद्धालुओं को पड़ी उपचार की जरूरत

HighLights

  1. केदारनाथ में दो लाख चालीस हजार श्रद्धालुओं को पड़ी उपचार की जरूरत
  2. 10,627 तीर्थ यात्रियों को आक्सीजन देकर बचाई गई उनकी जान
  3. 16 किमी लंबे पैदल यात्रा मार्ग पर हैं 13 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। Kedarnath Dham: चारधाम और यात्रा पड़ावों पर उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाएं इस बार तीर्थ यात्रियों के लिए संजीवनी साबित हुईं। केदारनाथ धाम में इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक 2.40 लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों को उपचार की जरूरत पड़ी। इनमें से 10,627 यात्रियों को आक्सीजन देकर उनकी जान बचाई गई।

विषम भौगोलिक परिस्थिति और पल-पल बदलते मौसम के कारण केदारपुरी में यात्रियों को स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए अन्य धामों की तरह यहां भी पैदल मार्ग से लेकर धाम तक जगह-जगह स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं। जिससे स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तीर्थ यात्रियों को तत्काल मदद मिल सके।

गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक 16 किमी लंबे पैदल मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग ने 13 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए हैं। इसके अलावा धाम परिसर में स्थित चिकित्सालय में भी यात्रियों का उपचार किया जाता है।

25 अप्रैल को खोले गए थे केदारनाथ धाम के कपाट

इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट तीर्थ यात्रियों के लिए 25 अप्रैल को खोले गए थे, तब से अब तक 17 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। वीरवार को कुल 798 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार किया गया। साथ ही 55 यात्रियों को आक्सीजन उपलब्ध कराई गई। इस वर्ष अब तक धाम में 100 तीर्थ यात्रियों की ह्दयगति रुकने से मृत्यु भी हुई है।

ऊंचाई पर होने के कारण आक्सीजन की कमी

रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एचसीएस मार्तोलिया बताते हैं कि 11 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण केदारनाथ धाम में आक्सीजन की कमी है। इस कारण धाम में यात्रियों को सांस लेने में परेशानी, हाइपोथर्मिया और ह्दयाघात जैसी चुनौतियों से जूझना पड़ता है।

उपचार का लेखा-जोखा

कुल तीर्थयात्री - 2,40,766

ओपीडी - 2,13,704

आकस्मिक - 27,062

पुरुष - 1,64,763

महिला - 48,941

आक्सीजन - 10,627

यह भी पढ़ें - Rudraprayag: यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रख रोजाना हेली कंपनी भर रहे दौ सौ उड़ानें, जिले में नहीं है कोई बर्न यूनिट

यह भी पढ़ें - Uttarakhand: बर्फबारी से खूबसूरत हुआ उत्तराखंड, बर्फ से सफेद हुआ केदारनाथ- बद्रीनाथ धाम; देखें नजारा

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।