शव रख धरना, 16 घंटे बाद हो सका अंतिम संस्कार

आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा निवासी रमेश तिवारी के बेटे देवानंद तिवारी (15) को 17 सितंबर को घर के पास चली गोली लग गई थी। पेट में गोली लगने से प्रतापगढ़ और प्रयागराज के बाद उसे लखनऊ मेडिकल कालेज भेजा गया था। जहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी सांसें थम गई। बुधवार को परिजनों ने जाम लगा दिया। अधिकारियों ने उनकी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।

By JagranEdited By: Publish:Wed, 02 Oct 2019 11:20 PM (IST) Updated:Thu, 03 Oct 2019 06:17 AM (IST)
शव रख धरना, 16 घंटे बाद हो सका अंतिम संस्कार
शव रख धरना, 16 घंटे बाद हो सका अंतिम संस्कार

संसू, सदहा : कलेजे के टुकड़े की जान बचाने की हर कोशिश नाकाम हो गई। शरीर में फंसी गोली तो नहीं निकली, बच्चे की जान जरूर निकल गई। बदहवास परिजनों को मदद के लिए शव रखकर धरना देना पड़ा।

आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा निवासी रमेश तिवारी के बेटे देवानंद तिवारी (15) को 17 सितंबर को घर के पास चली गोली लग गई थी। पेट में गोली लगने से प्रतापगढ़ और प्रयागराज के बाद उसे लखनऊ मेडिकल कालेज भेजा गया था। वहां पर आपरेशन कर शरीर में घुसी गोली निकालने का प्रयास नाकाम रहा। बीते 18 सितंबर को डाक्टरों ने ऑपरेशन तो किया, लेकिन गोली नहीं निकाल पाए। इसके बाद सोमवार को डाक्टर फिर से आपरेशन कर देवानंद की रीढ़ की हड्डी में फंसी गोली निकालने की तैयारी में थे, पर सोमवार की देर रात अचानक उसकी सांसें थम गईं। शव मंगलवार रात दस बजे लखनऊ ट्रामा सेंटर से गांव लाया गया तो उसे बुधवार को सुबह अंतिम संस्कार के लिए न ले जाकर परिजन धरने पर बैठ गए। वह प्रशासन से आर्थिक सहायता, शस्त्र लाइसेंस, सुरक्षा, आरोपित की गिरफ्तारी एवं मौके पर डीएम, एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद मौके पर पट्टी एसडीएम धीरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ नवनीत कुमार नायक, नायब तहसीलदार राजकपूर, कोतवाल नरेंद्र सिंह दोपहर में पहुंचे। परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। बाद में लगभग दोपहर दो बजे एसडीएम व सीओ के मांगों को पूरा करने के लिखित आश्वासन के बाद शव का अंतिम संस्कार करने इब्राहिमपुर घाट लेकर चले गए। इस दौरान वहां पर एसओ देवसरा विपिन कुमार सिंह मौजूद रहे।

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