यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Piyush Jain Kanpur: 'धनकुबेर' इत्र कारोबारी पीयूष जैन हुआ बरी, जुर्माने के तौर पर जब्त हुआ 23 किलो सोना
Piyush Jain स्पेशल सीजेएम स्नेहा ने 23 किलो सोना बरामदगी के मामले में इत्र कारोबारी पीयूष जैन आखिरकार बरी हो ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। स्पेशल सीजेएम स्नेहा ने 23 किलो सोना बरामदगी के मामले में इत्र कारोबारी पीयूष जैन को राहत दे दी है। सजा से बचने के लिए पीयूष जैन ने सोने पर अपना दावा छोड़ दिया था। 56.86 लाख रुपये शमनीय (कंपाउंडिंग) शुल्क भी जमा किया था।
डीजीजीआई (महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस) अहमदाबाद की टीम ने गुजरात में पान मसाला लदा ट्रक पकड़ा था। इसमें कर चोरी उजागर हुई थी। इसके बाद टीम ने पान मसाला कारोबारी और ट्रांसपोर्टर के यहां छानबीन की थी।
पीयूष जैन के घर से मिला था अथाह धन
इसके बाद कन्नौज के इत्र कारोबारी पीयूष जैन के आनंदपुरी और कन्नौज स्थित घर व कारोबारी स्थलों में 21 दिसंबर 2021 को छापे मारे थे। इसमें 196 करोड़ रुपये की नकदी और 23 किलो सोना पकड़ा गया था। पीयूष जैन को 27 दिसंबर 2021 को जेल भेजा गया था। आठ माह बाद उसे जमानत मिली थी। सोना बरामदगी में पीयूष जैन पर कस्टम एक्ट के तहत मुकदमा दाखिल किया गया था।
मुकदमा न चलाए जाने की दी थी अर्जी
विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीश टंडन ने बताया कि पीयूष जैन ने 12 दिसंबर 2023 को चीफ कमिश्नर कस्टम के यहां अपना दावा छोड़ते हुए मुकदमा न चलाए जाने की अर्जी दी थी। पीयूष के प्रार्थना पत्र पर कस्टम चीफ कमिश्नर ने आदेश दिया था कि पहले वह शमनीय शुल्क का 56.86 लाख रुपये जमा करें और सोने पर दावे की अपील वापस लें।
कोर्ट ने पीयूष जैन को दी राहत
अपील वापस लेने व शमनीय शुल्क जमा करने के बाद पीयूष जैन की तरफ से स्पेशल सीजेएम कोर्ट में हलफनामे के साथ अर्जी देकर कस्टम एक्ट के मुकदमे में राहत देने की बात कही थी। पीयूष के अधिवक्ता योगेश भसीन व चिन्मय पाठक ने बताया कि कोर्ट ने पीयूष जैन को राहत दे दी है।
196 करोड़ रुपये की बरामदगी में 15 को सुनवाई
विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीश टंडन ने बताया कि 196 करोड़ रुपये की बरामदगी के मुकदमे में 15 मार्च को सुनवाई होगी। डीजीजीआई की तरफ से दाखिल पूरक आरोप पत्र में पीयूष जैन के अलावा 13 और अभियुक्त बनाए गए थे। यह सभी अभियुक्त अभी तक हाजिर नहीं हुए हैं। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर इन अभियुक्तों को कोर्ट में पेश कराने के लिए कहा है।
