हत्या कर रिवाल्वर लूटने में दो गिरफ्तार

जागरण संवाददाता, गोरखपुर : सहजनवां में लुचुई रेलवे क्रासिंग पर तेज प्रताप सिंह उर्फ सिंटू सिंह की

By Edited By: Publish:Sun, 25 Jan 2015 06:40 PM (IST) Updated:Sun, 25 Jan 2015 06:40 PM (IST)
हत्या कर रिवाल्वर लूटने में दो गिरफ्तार

जागरण संवाददाता, गोरखपुर :

सहजनवां में लुचुई रेलवे क्रासिंग पर तेज प्रताप सिंह उर्फ सिंटू सिंह की हत्या कर उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर लूटने की घटना में शामिल दो बदमाशों को गिरफ्तार करने का पुलिस ने रविवार को दावा किया है। हालांकि उनके पास से लूटी गई रिवाल्वर तो नहीं मिली है लेकिन दो पिस्टल, चार मैगजीन, नौ कारतूस, तीन मोबाइल व 1090 रुपया नकद बरामद हुआ है। घटना में शामिल उनका एक साथी अभी फरार है। पुलिस का कहना है कि लूटी गई रिवाल्वर उसी के पास है। उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

अभियुक्तों की पहचान लुचुई, सहजनवां निवासी सर्वशक्ति यादव और दुधारा, संतकबीरनगर के अमरडोभा निवासी ओमकार तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ब्रजेश सिंह ने बताया कि घटना में सर्वशक्ति यादव का भाई शक्ति यादव भी शामिल था। उसकी तलाश की जा रही है। कैंट क्षेत्र के चारफाटक, मोहद्दीपुर निवासी तेज प्रताप सिंह की लुचुई रेलवे क्रासिंग के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 4 जून 2014 को सुबह रेलवे क्रासिंग के पास उन्हीं की चार पहिया गाड़ी में लाश मिली थी। उनके परिवार के ही एक युवक की 3 जून को शादी थी। बरात लुचुई के पास गई थी। तेज प्रताप भी इसी बरात में गए थे। दूसरे दिन उनकी लाश मिली।

छानबीन में पता चला कि घटना की रात तेज प्रताप कुछ अन्य लोगों के साथ रात में लुचुई रेलवे क्रासिंग के पास पहुंचे थे। वहां रुक कर वह लोग आपास में बातचीत कर रहे थे। इसी बीच सर्वशक्तिमान, उसका भाई शक्ति यादव और ओमकार तिवारी भी वहीं पहुंच गए। किसी बात पर उनके बीच विवाद हो गया। पुलिस की मानें तो इस दौरान दूसरे गुट के लोग तेज प्रताप को गोली मारकर मौत के घाट उतारने के बाद उनका लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर फरार हो गए।

पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में रिवाल्वर लूट की घटना के अलावा सहजनवां में 1 सितंबर 2014 को एक फाइनेंस कंपनी के एजेंट को गोली मार कर लूट तथा खलीलाबाद, संतकबीरनगर में 31 अक्टूबर 2014 को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से 4.50 लाख रुपये की लूट की घटना अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस के मुताबिक सर्वशक्ति यादव और उसके भाई पर विभिन्न थानों में छह-छह मुकदमे दर्ज हैं।

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