नए सत्र में प्रथम 45 दिन होगी सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई

रुविवि में प्रथम वर्ष को छोड़कर अन्य कक्षाओं की शुरुआत चार अगस्त से होगी। शासन ने आदेश दिए हैं कि प्रथम 45 दिन सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाए। इसके लिए तीन अगस्त तक ई-कंटेंट तैयार करने होंगे।

By JagranEdited By: Publish:Tue, 14 Jul 2020 08:44 PM (IST) Updated:Wed, 15 Jul 2020 06:02 AM (IST)
नए सत्र में प्रथम 45 दिन होगी सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई
नए सत्र में प्रथम 45 दिन होगी सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई

बरेली, जेएनएन: महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष को छोड़कर अन्य कक्षाओं की शुरुआत चार अगस्त से होगी। शासन ने आदेश दिए हैं कि प्रथम 45 दिन सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाए। इसके लिए तीन अगस्त तक ई-कंटेंट तैयार करने होंगे। मंगलवार को कुलपति ने सभी डीन व हेड की बैठक बुलाई है, जिसमें इसकी कार्ययोजना तय होगी।

कोविड-19 की वजह से शासन ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों का एकेडमिक कैलेंडर जारी कर ऑनलाइन पढ़ाई पर फोकस किया है। रुविवि ने भी तैयारी शुरू कर दी है। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला ने बताया कि ई-कंटेंट तैयार करने के लिए डीन व हेड को जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रोफार्मा तैयार किया गया है, जिस पर बैठक में चर्चा की जाएगी।

मिड टर्म परीक्षाएं भी होंगी

शासन ने सभी पाठ्यक्रमों में सेशनल परीक्षाओं के साथ मिड टर्म परीक्षाएं अनिवार्य रूप से कराने को कहा है। जिसे संबंधित विभाग या संबद्ध महाविद्यालयों को अपने स्तर से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कराना होगा। इसमें दिए गए अंकों को विवि को भी उपलब्ध कराना होगा। इसके अलावा प्रोजेक्ट, असाइनमेंट के अंक भी विवि को भेजेंगे। विवि मिड टर्म परीक्षा, सेशनल परीक्षा, असाइनमेंट या प्रोजेक्ट के सापेक्ष अंकों का वितरण सत्र शुरू होने से पहले ही पाठ्यक्रम समिति के माध्यम से तय कर लेंगे।

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शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच शुरू, विरोध में उतरा संघ

जासं, बरेली: शासन के निर्देश पर जांच कमेटी ने महाविद्यालयों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को नोडल अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने बरेली कॉलेज में 70-80 शिक्षकों के दस्तावेज जांचे। जांच शुरू होते ही शिक्षक संघ विरोध में उतार आया है। रुविवि शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. टीएस चौहान का कहना है कि जांच के लिए प्रोफार्मा देकर जो अभिलेख मांगे जा रहे हैं, वह सभी विवि और महाविद्यालयों के पास हैं। उनकी जांच भी की जा चुकी है। जांच कमेटी में असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के शिक्षक को शामिल किया गया है, जिसके सामने प्राचार्य व एसोसिएट प्रोफेसरों को उपस्थित होना होगा। यह बिल्कुल गलत है। उनकी जगह वरिष्ठ प्रोफेसरों एवं अधिकारियों की टीम बनाकर जांच की जाए। नोडल अधिकारी इकबाल हबीब ने बताया कि बरेली कॉलेज में अबतक की जांच में गड़बड़ी नहीं मिली है। जो शिक्षक छुट्टी पर हैं, उनके अभिलेख 24 जुलाई के बाद जांचे जाएंगे। 21 जुलाई को टीम जांच के लिए रुविवि जाएगी।

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