सेहत ही नहीं बनाता, पदक भी दिलाता है ठंड का मौसम

भीषण ठंड का मौसम हर किसी को बेहतर सेहत ही नहीं देता पदक दिलाने की राह भी खोलता है। हर किसी को ये मौसम भाता है। इस मौसम में बीमारियों में घटोतरी होती है खान-पान बेहतर होता है। पदक जीतने की राह कैसे खुलती है?

By Anil KushwahaEdited By: Publish:Mon, 03 Jan 2022 03:47 PM (IST) Updated:Mon, 03 Jan 2022 03:49 PM (IST)
सेहत ही नहीं बनाता, पदक भी दिलाता है ठंड का मौसम
भीषण ठंड का मौसम हर किसी को बेहतर सेहत ही नहीं देता, पदक दिलाने की राह भी खोलता है।

गौरव दुबे, अलीगढ़ ।  भीषण ठंड का मौसम हर किसी को बेहतर सेहत ही नहीं देता, पदक दिलाने की राह भी खोलता है। हर किसी को ये मौसम भाता है। इस मौसम में बीमारियों में घटोतरी होती है, खान-पान बेहतर होता है। पदक जीतने की राह कैसे खुलती है? ये बात एथलीट व एक्सपर्ट ट्रेनर बेहतर जानते हैं। इसीलिए खिलाड़ियों ने जनवरी व फरवरी में होने वाली स्टेट व नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारी करनी शुरू कर दी है। भीषण ठंड में भी एथीट सुबह व शाम पसीना बहा रहे हैं।

सात जनवरी से राज्‍य स्‍तरीय प्रतियोगिता 

सात से आठ जनवरी मुजफ्फरनगर में 20 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए राज्यस्तरीय प्रतियोगिता कराई जा रही है। कानपुर में 11 व 12 जनवरी को 16 वर्ष आयु के खिलाड़ियों के लिए स्टेट चैंपियनशिप कराई जा रही है। वहीं कोहिमा नागालैंड में क्रासकंट्री रेस का आयोजन भी कराया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के लिए एथलीट्स ने अभी से तैयारी पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। एक्सपर्ट का कहना है कि ठंड के मौसम में ज्यादातर प्रतियोगिताएं इसीलिए कराई जाती हैं कि उनमें खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी सुधरता है और पदक जीतने के रास्ते भी तमाम रहते हैं।

कितना लाभकारी है ठंड का मौसम?

सर्वोपयोगी इंटर कालेज, पलसेड़ा के एथलेटिक्स कोच अजय राय के अनुसार ठंड में बाडी हीट होने के बाद थकावट नहीं होती। भोजन सुपाच्य होता है। पानी की कमी शरीर में नहीं हाेती। लैक्टिक एसिड ठंड में नहीं बनता है। ये थकान लाने का मुख्य कारक होता है। पानी की कमी के चलते ये एसिड ज्यादा मात्रा में बनता है। ठंड में ये शिकायत नहीं होती। ठंड में ब्लड गाढ़ा हो जाता है जिससे आक्सीजन लेवल बेहतर रहता है। खाने-पीने की सुविधा भी बेहतर रहती है। पर्याप्त मात्रा में फल व सब्जी सस्ते मिलते हैं। इन सभी के आधार पर प्रदर्शन सुधरता है। गर्मी में उल्टी व थकान की समस्या के साथ डीहाइड्रेशन की समस्या ज्यादा रहती है। ठंड के मौसम में प्रतियोगिताएं भी ज्यादा होती हैं।

खिलाड़ियों के बोल

स्टेट चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रहे हैं। ठंड में डाइट भी बेहतर रहती है। पानी की कमी व थकान नहीं होती। प्रदर्शन में सुधार भी होता है।

अमन भारद्वाज, लांग जंप

गर्मी की तुलना में ठंड में प्रैक्टिस करना ज्यादा मुनासिब रहता है। शरीर में पानी की मात्रा कम नहीं होती। स्टेमिना भी बढ़ता है, जिससे थकान नहीं होती।

सपना, 1500 मीटर रेस

जनवरी में स्टेट चैंपियनशिप कराई जा रही है उसमें प्रतिभाग कर पदक जीतना है। ठंड में बेहतर तैयारी हो रही है। कोई दिक्कत भी नहीं होती।

खीरेश चौधरी, लंबी कूद

ठंड में तैयारी करने का अलग ही अानंद होता है। न पानी की कमी न थकान, फल व सब्जी भी सस्ते रहते हैं। खूब खाओ और खूब मेहनत करो।

पवन जाखड़, शाटपुट

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