आगरा में किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

बाह इलाके में 30 अप्रैल 2016 को अगवा हुई थी पीड़िता। तीन महीने बाद पुलिस ने किया था बरामद। उसका मेडिकल कराने पर दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने विवेचना में दुष्कर्म पाक्साे एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई थी।

By Prateek GuptaEdited By: Publish:Mon, 15 Feb 2021 12:45 PM (IST) Updated:Mon, 15 Feb 2021 12:45 PM (IST)
आगरा में किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
अदालत ने अपहरण और दुष्‍कर्म के आरोपित को 14 साल की सजा सुनाई हैं।

आगरा, जागरण संवाददाता। अदालत ने किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म,पाक्सो एक्ट व एससी/एसटी में दोषी को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे 50 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है।

घटना 30 अप्रैल 2016 की है। बाह थाना क्षेत्र निवासी छठवीं की छात्रा घर से स्कूल अंकतालिका लेने गई थी। इसके बाद नहीं लौटी तो स्वजन ने उसकी तलाश शुरू कर दी। सुराग नहीं लगने पर स्वजन ने उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी रही। पुलिस ने किशोरी को चार जुलाई 2016 काे बरामद कर लिया। उसका मेडिकल कराने पर दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इस पर पुलिस ने विवेचना में दुष्कर्म, पाक्साे एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई। पुलिस की विवेचना और पीड़िता के बयान में आरोपित विनोद कुमार निवासी रफीपुर, थाना मिरहची एटा का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने आरोपित काे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। पुलिस ने 31 अगस्त 2016 को आरोपित के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। इसके बाद लगातार मुकदमे की पैरवी की। अदालत ने विनोद कुमार को दोषी पाते हुए उसे 14 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया मुकदमे की पैरवी करके दोषी को सजा दिलाने पर बाह पुलिस को पुरस्कृत किया जाएगा।

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