Betting in IPL: बदल गया सट्टे का भी ट्रेंड, पुलिस काे चकमा देने के लिए दौड़ती कार में IPL मैचों में दांव

Betting in IPL दांव लगाने को अब नहीं लेते होटल में कमरा लेने और अपार्टमेंट में फ्लैट। सर्विलांस टीम को चकमा देने के लिए कार से लगातार बदलते हैं लोकेशन। सदर पुलिस ने पांच सटोरियों को एक लाख रुपये समेत दबोचा एप से लगा रहे थे दांव।

By Tanu GuptaEdited By: Publish:Fri, 23 Oct 2020 09:52 AM (IST) Updated:Fri, 23 Oct 2020 09:52 AM (IST)
Betting in IPL: बदल गया सट्टे का भी ट्रेंड, पुलिस काे चकमा देने के लिए दौड़ती कार में IPL मैचों में दांव
दांव लगाने को अब नहीं लेते होटल में कमरा लेने और अपार्टमेंट में फ्लैट।

आगरा, अली अब्बास। आइपीएल पर दांव लगाने के लिए सटोरियों ने अब नया तरीका अपना लिया है । वह होटल में कमरा या अपार्टमेंट में फ़्लैट लेने की जगह अब चलती कार में दांव लगा रहे हैं । मोबाइल एप से सट्टा लगाते हैं । इससे कि दौड़ती कार के लगातार लोकेशन बदलने से पुलिस और सर्विलांस की टीम को उन पर शक न हो । सदर पुलिस ने गुरुवार को कार में बैठकर आइपीएल पर दांव लगाते पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया । उनसे एक लाख रुपये बरामद किए हैं ।

कोरोना वायरस से पहले पिछले साल तक सटोरिये आइपीएल मैचों पर दांव लगाने के लिए अपनी महफिल जमाते थे । वह कुछ खास लोगों के साथ किसी होटल कमरा या अपार्टमेंट में फ़्लैट किराए पर लेते थे । यहां से बैठकर वह दिल्ली के बुकी के संपर्क में रहते थे । ताजनगरी में आइपीएल पर दांव लगाने वालों से बोली तय करते थे । उनकी रकम दिल्ली के बुकी को बोल दी जाती थी । हार-जीत होने पर यह रकम दांव लगाने वालों को भुगतान कर दी जाती थी । मगर, पुलिस ने कुछ साल से सटोरियों के इस ट्रेंड को पकड़ लिया था ।मैचों के दौरान कुछ नंबरों से लगातार एक ही लोकेशन से कई-कई घंटे बातचीत होने पर वह नंबर शक के दायरे में आ जाते । पुलिस सटोरियों तक आसानी से पहुंचने लगी थी ।

इससे बचने के लिए सटोरियों ने कोरोना काल में कमरा और फ्लैट लेने का ट्रेंड बदल दिया । उन्होंने दौड़ती कारों में अपने दांव लगाकर लाखाें के वारे-न्यारे शुरू कर दिए । वह आइपीएल मैच के दौरान कार में बैठकर शहर में लगातार मूवमेंट करते हैं ।इससे कि सर्विलांस टीम को उनकी लोकेशन एक ही जगह होने से शक न हो । इसके अलावा वह अलग-अलग सिम नंबर से दिल्ली में बैठे बुकी से बात करते हैं ।इससे कि पुलिस को एक ही नंबर से लगातार बात करने से जो शक होता है ।उस शक से मिले सुराग की मदद से वह उन तक नहीं पहुंच सके ।पुलिस ने उनके इस ट्रेंड को पकड़ लिया ।

इंस्पेक्टर सदर जितेंद्र कुमार ने बताया सटोरियों ने पूछताछ में बताया कि उनका सरगना जगदीश है ।गिरफ्तार सटाेरियों सुनील कुमार, मदन मोहन निवासी मेवली जगनेर, राजेश कुमार निवासी बंडपुरा जगनेर, धनंजय कुमार निवासी गोकुलपुरा लोहामंडी, अनूप शर्मा निवासी सेवला जाट सदर हैं । यह सब दिल्ली के बड़़े सटोरियों के संपर्क में थे । वह मोबाइल एप से सट्टा लगाते थे । इन सभी को जेल भेजा गया है । 

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