Holi 2020: रंग में कहीं पड़ न जाए ये भंग, सावधानी से करें मिलावटखोरों से जंग

देखने में आकर्षक लगने वाले रंगीन पापड़ में मिले हैं रासायनिक रंग। खोआ घी बेसन हो सकते हैं मिलावटी खरीदते समय बरतें सावधानी।

By Tanu GuptaEdited By: Publish:Fri, 06 Mar 2020 06:04 PM (IST) Updated:Fri, 06 Mar 2020 06:04 PM (IST)
Holi 2020: रंग में कहीं पड़ न जाए ये भंग, सावधानी से करें मिलावटखोरों से जंग
Holi 2020: रंग में कहीं पड़ न जाए ये भंग, सावधानी से करें मिलावटखोरों से जंग

आगरा, जेएनएन। रंगोत्सव शुरू हो गया है। इस महापर्व पर रंग के साथ तरह तरह के व्यंजन खाने खिलाने का चलन है। गुझिया, ठंडाई और पापड़ घर घर परोसे जाते हैं। यदि आप भी त्यौहार पर पकवान खाने के शौकीन हैं तो थोड़ी सावधानी जरूर बरतें। खान पान में लापरवाही आपको बीमार कर सकती है। बाजार में बढ़ी हुई मांग और मुनाफाखोरी के चलते खाद्य पदार्थाें में मिलावट की पूरी आशंका है।

एक समय था जब होली आने से कई दिन पहले ही घर घर में पापड़ बनाने का काम शुरू हो जाता था। होली आने से पहले गुझिया, नमकीन एवं अन्य पकवान बनाए जाते थे, लेकिन अब वक्त की कमी से लोग बाजार पर निर्भर हो गए हैं। लोग ज्यादातर चीजें बाजार से खरीदते हैं। इन दिनों तरह तरह के पापड़ बिक रहे हैं। 50 से 60 रुपये किलो के भाव में बिकने वाले चटक रंग के कचरी पापड़ सहज ही आकर्षित कर लेते हैं, लेकिन ये शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इनमें रासायनिक रंग मिले होते हैं, जो खाने के लिए नहीं होते।

बहुत से परिवार ऐसे हैं जो गुझिया तो घर पर बनाते हैं, लेकिन खोआ (मावा), घी, रिफाइंड बाजार से खरीदते हैं। इनमें भी मिलावट की काफी संभावना है। गुरुवार को ही खाद्य विभाग की टीम ने टूंडला में नकली घी बनाने का कारोबार पकड़ा है। खोआ में भी आलू, मैदा, रिफाइंड जैसी चीजें मिलाई जा रही हैं।

 119 सैंपल हुए थे फेल

खाद्य विभाग हर साल होली पर अभियान चलाता है। पिछले साल चले अभियान के आंकड़े बताते हैं कि हर चीज में मिलावट की जा रही है। मार्च 2019 में खोआ के 117 सैंपल लिए गए थे। जिनमें से 40 अधोमानक पर पूरे नहीं थे। पांच नमूने असुरक्षित पाये गए थे।

अन्‍य खाद्य पदार्थों के 431 नमूने लिये गए थे। जिनमें से 119 अधोमानक पर पूरे नहीं थे। 22 असुरक्षित की श्रेणी में पाये गए थे। सरसों के तेल, पनीर, रिफाइंड के तीन तीन सैंपल लिए गए थे। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सभी फेल पाए गए। कचरी पापड़ के पांच सैंपल लिए गए थे। इनमें से दो फेल और एक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया था। उसमें औरामाइन नाम का रसायन मिला हुआ था। सॉस के तीन में से दो फेल और एक सैंपल अनसेफ पाया गया। पिछले साल दूध के चार नमूने लिए गए थे। इनमें से दो फेल हो गए।

किस में किस की मिलावट

- खोआ आलू, मैदा, चीनी, रिफाइंड

- पापड़ रासायनिक रंग

- सरसों का तेल पाम ऑयल, बटर यलो कलर

- घी पाम ऑयल, रिफाइंड, वनस्पति घी,

- गुझिया सूजी, बची हुई मिठाईयां

- दूध रिफाइंड, ग्लूकोज, पानी, स्‍टार्च, मिलावटी मिल्‍क पाउडर

मिलावट दे सकती है गंभीर बीमारियों की सौगात

मिलावटी खोआ, तेल, रिफाइंड या मिठाई खाने से शरीर की पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है। उल्टी, दस्त, जी मचलाना जैसी शिकायत हो सकती है। वहीं रसायनिक रंग मिली चीजें खाने से अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। मिलावटी सामान की बिक्री रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

मनोज कुमार वर्मा, जिला अभिहित अधिकारी

होली पर जितना हो सके बाजार की चीजों से दूर रहें। खाने की किस चीज में क्या क्या चीज मिलाई गई है इसकी जानकारी होना मुश्किल है। वेजीटेबिल ऑयल और चीनी से बने पकवानों से भी परहेज करें। अन्यथा बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।

डॉ. एसपीएस चौहान, वरिष्ठ फिजीशियन

 

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