Congress MLA: महाराष्ट्र की सियासत ने जयपुर के चार गांवों की दशा सुधारी

Maharashtra Congress. महाराष्ट्र के विधायकों का इस रिसोर्ट में रुकना आसपास के लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ।

By Sachin MishraEdited By: Publish:Mon, 11 Nov 2019 01:35 PM (IST) Updated:Mon, 11 Nov 2019 06:32 PM (IST)
Congress MLA: महाराष्ट्र की सियासत ने जयपुर के चार गांवों की दशा सुधारी
Congress MLA: महाराष्ट्र की सियासत ने जयपुर के चार गांवों की दशा सुधारी

जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। महाराष्ट्र की सियासत का केंद्र बना जयपुर से 25 किलोमीटर दूर दिल्ली हाईवे से साढ़े चार किलोमीटर अंदर स्थित ब्यूना विस्टा रिसोर्ट के कारण आसपास के आधा दर्जन गांवों की दशा सुधर गई। इस रिसोर्ट में पिछले चार दिन से महाराष्ट्र के 40 विधायक ठहरे हुए हैं। दिग्गज कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे और मल्लिकार्जुन खड़गे दो दिन तक यहां रुके। वे सोमवार को दिल्ली गए हैं। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रतिदिन शाम को महाराष्ट्र के विधायकों से मिलने इस रिसोर्ट में पहुंचते हैं। महाराष्ट्र के विधायकों की खातिरदारी में राजस्थान सरकार के कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जुटे रहे।

यह माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के विधायकों का इस रिसोर्ट में रुकना आसपास के लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ। जयपुर जिले के पीली तलाई स्थित इस रिसोर्ट के आसपास चार गांवों में रहने वाले एक हजार परिवारों के चेहरे पर खुशी झलक रही है।

दिन-रात अधिकारियों ने दी ड्यूटी

दरअसल, रिसोर्ट तक पहुंचने के लिए जयपुर-दिल्ली हाईवे के अंदर चार किलोमीटर का सफर तय करना होता है। इस साढ़े चार किलोमीटर के रास्ते के दोनों तरफ तीन गांव बसे हैं, एक गांव रिसोर्ट से आगे है। अब तक इन गांवों में जाने के लिए कच्चा रास्ता हुआ करता था, लेकिन जैसे ही महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक यहां पहुंचे तो सीएम गहलोत भी प्रतिदिन रिसोर्ट में आने-जाने लगे। सरकार ने जैसे ही गांव में दस्तक दी तो यहां विकास कार्य शुरू हो गए। उबड़-खाबड़ और बड़े-बड़े खड्डों से अटे कच्चे रास्ते में अब सड़क बन गई है। शनिवार रात से कच्चे रास्ते पर गिट्टी बिछाकर रोड रोलर से सड़क बना दी गई है।

बिजली के झूलते तारों को ठीक कर दिया गया। इन गांवों में कभी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी थी, लेकिन रविवार को साढ़े चार किलोमीटर के रास्ते पर दोनों तरफ रोड लाइट लगा दी गई। गांवों में पीने के पानी की किल्लत से लोग परेशान थे, रविवार को यहां ट्यूबवेल खुदवाया गया। टैंकरों से पानी की सप्लाई भी की जा रही है। यहां चारों तरफ कचरा फैला रहता था, लेकिन शनिवार से ही दिन-रात जयपुर नगर निगम के सफाईकर्मी यहां डटे हुए हैं। हपूर से दिन में दो बार कचरा उठाया जा रहा है। महाराष्ट्र की सियासत के केंद्र बने पीली तलाई गांव के रिसोर्ट के बाहर सार्वजनिक निर्माण विभाग, जलदाय विभाग, विद्युत वितरण निगम, नगर निगम सहित कई सरकारी महकमों के अधिकारी शनिवार सुबह से ही तैनात रहे।

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