ऑनलाइन शॉपिग से छोटे दुकानदारों का धंधा चौपट

आजकल हर छोटा बड़ा व्यापारी अपने-अपने धंधे में मंदी से परेशान हैं।

By JagranEdited By: Publish:Thu, 21 Nov 2019 11:56 PM (IST) Updated:Sat, 23 Nov 2019 06:08 AM (IST)
ऑनलाइन शॉपिग से छोटे दुकानदारों का धंधा चौपट
ऑनलाइन शॉपिग से छोटे दुकानदारों का धंधा चौपट

मुकंद हरि जुल्का, नवांशहर : आजकल हर छोटा बड़ा व्यापारी अपने-अपने धंधे में मंदी से परेशान हैं। बाजारों में रौनक कम दिखाई दे रही है। मंदी के प्रमुख कारणों में व्यापार का ऑनलाइन होना और युवाओं का विदेश जाना है। हर कोई युवा आज ऑनलाइन शॉपिग कर रहा है। कुछ भी खरीदने के लिए वे अपना मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं। बेशक उसमें कोई खरीदने की समझ ना हो पर फटाफट ऑर्डर कर देते हैं। इससे दुकानदारों को मंदी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन शॉपिग में जो चीज बाहर से नहीं मिलती होती, अकेला डिजाइन ही देखने को मिलता है वो भी देखी जा रही है। खासकर ऑनलाइन में पेमेंट अगर पहले कर दें तो सामान गलत भी भेज देते हैं और बाद में खरीदार को पछताना पड़ता है। इस माध्यम से सेल लगने का झांसा दिया जा रहा जिसमें लोग लालच में आ जाते हैं। बहुत समझदारी से ऑनलाइन शॉपिग करते भी धोखा मिल जाता है, लेकिन छोटे दुकानदारों को इसका खामियाजा ज्यादा भुगतना पड़ रहा है। मंदी के दौर में व्यापारियों की अलग-अलग राय है।

ऑनलाइन डिजाइन समझ से बाहर : राजकुमार

राजकुमार अरोड़ा का कहना है कि हमारे व्यापार में भी चाइनीज इलेक्ट्रॉनिक सामान ऑनलाइन शॉपिग का रिवाज बढ़ गया गया है। लोग ऑनलाइन डिजाइन दिखाते हैं जो समझ से बाहर है। सामान ऑनलाइन खरीदने से लोगों को दिक्कत होती है। हमारे ट्रेड में अगर किसी युवा ने मोबाइल खरीदना हो तो सबसे पहले उसका मूल्य ऑनलाइन पता करते हैं, उसके बाद दुकानों पर देखने के लिए आते हैं और तब भी खरीदते नहीं, ऑनलाइन ही मंगवाते हैं।

युवाओं का विदेश जाना बना सपना : परमिंदर

परमिदर गाबा दुकानदार का कहना है कि युवा पीढ़ी का एक ही सपना है विदेश जाना। विदेशों में जाते है मां-बाप इधर उधर से कर्जा उठाकर भी बच्चों को विदेश भेज देते हैं, खेत गिरवी रख कर कर्जा उठाते हैं। व्यापार का मंदा होने का प्रमुख कारण यह भी है कि शहर और गांव खाली हो रहे हैं।

दवाइयां भी खरीदी जा रही ऑनलाइन : रमणीक

दवाइयों का कारोबार करने वाले रमणीक पराशर ने कहा, हमारे ट्रेड में भी ऑनलाइन शॉपिग खूब हो रही है। बेशक कंपनी वाले एक्सपायरी डेट का माल भेज दें, बाद में वापसी की भी मुश्किल होती है। जीवन में दवाई एक ऐसा चीज है जिसे समय पर देना जरूरी है। ऑनलाइन शॉपिग से दवाई गलत आ जाए तो मरीज को बहुत दिक्कत होती है, दूसरी और युवा पीढ़ी का विदेश जाना है। एक तो देश की अर्थव्यवस्था नीचे जा रही है, दूसरा देश में युवा पीढ़ी को नौकरियां नहीं मिल रही। पंजाब के लोग अधिकतर विदेशों में जा रहे हैं।

कारोबार किया बर्बाद : अरोड़ा

व्यापारी चिटू अरोड़ा ने कहा कि ऑनलाइन शॉपिग ने धंधा चौपट कर रखा है। लोग बाजारों में आएं, बाजारों की रौनक को बढ़ाएं, बाजार में सामान खरीदने में डुप्लीकेसी नहीं मिलती। अगर मिलेगी तो पता चलता है। घर में बैठे सामान मंगवाने से एक चीज ही मंगवा सकते हैं, जबकि बाजार में आने से कंपैरिजन (तालमेल) कर सकते हैं। सरकार को इसके बारे में जरूर सोचना चाहिए, एक तो वैसे भी देश काफी देर से महंगाई के दौर से गुजर रहा है।

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