केंद्र के आइपीओ लाने के फैसले का नार्थ जोन इंश्योरेंस इंप्लाय एसोसीएशन ने किया विरोध

नार्थ जोन इंश्योरेंस इंप्लाय एसोसिएशन ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र को बचाने और एलआइसी को मजबूत करने के लिए अपनी आवाज बुलंद करते हुए केंद्र सरकार की ओर से आइपीओ लाने के फैसले का जोरदार विरोध किया।

By JagranEdited By: Publish:Tue, 25 Jan 2022 05:04 PM (IST) Updated:Tue, 25 Jan 2022 05:04 PM (IST)
केंद्र के आइपीओ लाने के फैसले का नार्थ जोन इंश्योरेंस इंप्लाय एसोसीएशन ने किया विरोध
केंद्र के आइपीओ लाने के फैसले का नार्थ जोन इंश्योरेंस इंप्लाय एसोसीएशन ने किया विरोध

संवाद सहयोगी, टांडा उड़मुड़ : नार्थ जोन इंश्योरेंस इंप्लाय एसोसिएशन ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र को बचाने और एलआइसी को मजबूत करने के लिए अपनी आवाज बुलंद करते हुए केंद्र सरकार की ओर से आइपीओ लाने के फैसले का जोरदार विरोध किया। उन्होंने इस संबंध में वन मंत्री पंजाब संगत सिंह गिलजियां को केंद्र के नाम मांगपत्र भी सौंपा। गिलजियां को मांगपत्र सौंपते हुए जालंधर सर्कल उपाध्यक्ष कमल खोसला, शाखा सचिव हरिदरपाल सिंह, यशपाल राणा, सुनील कुमार और केके कौशल ने बताया कि एलआइसी शानदार काम कर रही है। देश के विकास और निर्माण संबंधी गतिविधियों में आम आदमी की बचत को चैनलाइज करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। आज केंद्र सरकार अलोकतांत्रिक तरीकों के सहारे एलआइसी एक्ट में बदलाव लाकर इसका आइपीओ शेयर बाजार में लाने की तैयारी कर रही है। जो एलआइसी प्रतिष्ठान के मूल उद्देश्य, मूल्यों और भावनाओं के विपरीत है। यह आने वाले दिनों में देश की अर्थव्यवस्था और आर्थिक संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा है। आइपीओ न केवल घरेलू औद्योगिक घरानों के लिए, बल्कि विदेशी निवेशकों के लिए भी स्वनिर्मित स्थानीय निकाय को लूट का माध्यम बना देगा। यह फैसला भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लिए शर्मनाक, घातक और राष्ट्रविरोधी है। सरकार के इस कदम का विरोध करना और एलआइसी जैसी समृद्ध संस्था को बचाने में अपनी भूमिका निभाना हर नागरिक का धर्म है। उन्होंने आइपीओ जारी करने के गलत फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। इस मौके पर वन मंत्री गिलजियां ने कहा कि वह बीमा कर्मचारियों की मांग का समर्थन करेंगे। इस अवसर पर नगर परिषद टांडा गुरसेवक मार्शल, विपन मरवाहा नगर अध्यक्ष, बाबू रूप लाल, पंकज सचदेवा, जिला महासचिव गुरमुख सिंह, राजेश लाडी, सुरिदर जीत सिंह बिल्लू आदि उपस्थित थे।

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