47 मिनट में पहुंच जाएंगे दिल्ली से लंदन

अगले कुछ सालों में आप महज 47 मिनट के हवाई सफर से ही यह दूरी नाप लेंगे। इसके लिए आपको थोड़ा इंतराज जरूर करना होगा लेकिन बात हकीकत हो जाएगी।

By Abhishek Pratap SinghEdited By: Publish:Thu, 19 May 2016 10:23 AM (IST) Updated:Fri, 20 May 2016 03:19 PM (IST)
47 मिनट में पहुंच जाएंगे दिल्ली से लंदन

दिल्ली से ब्रिटेन की राजधानी लंदन की हवाई दूरी करीब 6708 किमी है। यह दूरी तय करने के लिए इस समय आपको औसतन नौ घंटे का हवाई सफर करना पड़ता है। लेकिन, अगले कुछ सालों में आप महज 47 मिनट के हवाई सफर से ही यह दूरी नाप लेंगे। ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान में हाइपरसोनिक तकनीक का परीक्षण सफल होने के बाद यह उम्मीद जगी है।

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हवाई सफर के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले इस प्रयोग को हकीकत तक पहुंचाने के लिए अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का संयुक्त सैन्य अनुसंधान दल 10 परीक्षणों का एक सीरीज चला रहा है। ये परीक्षण दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के वूमेरा स्थित दुनिया के सबसे बड़े भूमि परीक्षण रेंज और नॉर्वे के अंदोया रॉकेट रेंज में किए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के मुख्य वैज्ञानिक एलेक्स जेलिंस्की ने एक बयान में कहा है यह तकनीक सबकुछ बदल कर रख देगी। इससे न केवल हवाई क्षेत्र में क्रांति आएगी, बल्कि अंतरिक्ष यात्रा का भी एक सस्ता माध्यम मिलेगा।

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वैज्ञानिकों ने बताया कि हाइपरसोनिक तकनीक की मदद से सिडनी से लंदन की 17 हजार किमी की हवाई दूरी को महज दो घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस तकनीक से लैस विमान आवाज की गति (मैक 5) से भी 5 गुना ज्यादा तेज रफ्तार में चलती है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के इस सामूहिक प्रोजेक्ट का नाम "हाइपरसोनिक इंटरनेशनल फ्लाइट रिसर्च एक्सपेरिमेंट" है। परियोजना में शामिल वैज्ञानिक एक ऐसा इंजन तैयार कर रहे हैं जो मैक 7 की गति से उड़ सके।

2018 में सपना होगा साकार

ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को परीक्षण के दौरान रॉकेट मैक 7.5 की रफ्तार के साथ 278 किमी की ऊंचाई तक पहुंचने में कामयाब रहा। अब अगला परीक्षण 2017 में किया जाएगा। इसमें एक स्क्रैमजेट इंजन को शामिल किया जाएगा जो रॉकेट बूस्टर की मदद से अलग होकर खुद से उड़ेगा। इस परियोजना के तहत पहला परीक्षण 2009 में किया गया था। वैज्ञानिकों को 2018 में इस क्रांतिकारी परियोजना के पूरा होने की उम्मीद है।

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