Rajya Sabha Result 2020: झारखंड में दीपक प्रकाश और शिबू सोरेन ने जीता राज्‍यसभा चुनाव

Rajya Sabha Result 2020 झारखंड में 81 सदस्‍यीय विधानसभा में फिलहाल 79 विधायक हैं सभी ने इस चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग क‍िया।

By Alok ShahiEdited By: Publish:Fri, 19 Jun 2020 01:45 AM (IST) Updated:Sat, 20 Jun 2020 05:15 AM (IST)
Rajya Sabha Result 2020: झारखंड में दीपक प्रकाश और शिबू सोरेन ने जीता राज्‍यसभा चुनाव
Rajya Sabha Result 2020: झारखंड में दीपक प्रकाश और शिबू सोरेन ने जीता राज्‍यसभा चुनाव

रांची, राज्य ब्यूरो। Rajya Sabha Result 2020 राज्‍यसभा चुनाव में झारखंड से भाजपा के दीपक प्रकाश और झामुमो के शिबू सोरेन को जीत म‍िली है। दीपक प्रकाश को 31 जबकि शिबू सोरेन को 30 वोट म‍िले हैं। कांग्रेस के शहजादा अनवर को महज 18 वोट म‍िले। 81 सदस्‍यीय विधानसभा में फिलहाल 79 विधायक हैं। सभी ने अपने मताधिकार का प्रयोग क‍िया। जीत की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।

बाबूलाल मरांडी समेत भाजपा के वर्तमान में 26 विधायक हैं, बावजूद 31 वोट लाकर उसने अपना पुख्‍ता गेम प्‍लान साबित कर द‍िया। माना जा रहा है कि आजसू के दो, निर्दलीय सरयू राय, अमित यादव के अलावा उसे एक वोट और म‍िला है। संभवत: राष्‍ट्रीय कांग्रेस पार्टी के कमलेश सिंह ने भी भाजपा प्रत्‍यााशी के पक्ष में मतदान किया है। ऐसा लगता है कि राजद ने भी कांग्रेस को वोट नहीं दिया है। विधानसभा में वर्तमान में बरहेट और बेरमो सीट रिक्‍त है। दो सीटों पर जीत के बाद हेमंत सोरेने ने जहां बरहेट से इस्‍तीफा दे दिया था, वहीं बेरमो सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह के निधन के कारण रिक्‍त है।

झारखंड में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए आज वोट डाले गए। विधानसभा भवन में सुबह 9 बजे से वोट डाले गए। शाम पांच बजे से मतगणना शुरू हो गई। कुल 79 विधायक 3 उम्‍मीदवारों का भाग्‍य तय कर रहे हैं। झामुमो के उम्‍मीदवार शिबू सोरेन, भाजपा के प्रत्‍याशी दीपक प्रकाश और कांग्रेस की तरफ से शहजादा अनवर चुनाव मैदान में हैं। आज ही मतगणना के बाद नतीजे आ गए।

भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने कहा है कि सरयू राय और अमित यादव ने भाजपा के पक्ष में वाेट देने की प्रतिबद्धता जताई है। हमें उम्‍मीद है कि दीपक प्रकाश राज्‍यसभा चुनाव जीतेंगे। बाघमारा से भाजपा विधायक ढुल्‍लू महतो भी वोट देने पहुंचे हैं। दुष्‍कर्म सहित कई मामलों में आरोपी विधायक को कोर्ट के आदेश के बाद प‍ुलिस संरक्षा में विधानसभा लाया गया है।

इधर, मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन भी पहुंचे। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर ने जीत का दावा किया। कहा कि आंकड़े हमारे पक्ष में हैं।

सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और विधायक लंबोदर महतो के साथ आजसू प्रमुख सुरेश महतो पहुंचे। सुदेश महतो नेे कहा कि आजसू ने अपना स्टैंड पहले ही क्लियर कर दिया है। भाजपा के पक्ष में वोट करेंगे। इसके अलावा प्रदीप यादव, बन्‍ना गुप्‍ता, दीपक प्रकाश, बाबूलाल मरांडी आदि नेता विधानसभा पहुंच गए हैं। भाजपा विधायक बस से पहुंचे।

हालांकि चुनाव की तस्वीर चुनाव से पूर्व ही साफ दिखाई दे रही है। आंकड़ों का गणित स्पष्ट है, कहीं कोई उलटफेर की संभावना नहीं दिख रही है। सीधे शब्दों में कहें तो चुनाव से पहले ही एक सीट यूपीए प्रत्याशी झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन के पक्ष में तो दूसरी एनडीए प्रत्याशी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के पाले में जाती दिख रही है। वहीं, कांग्रेस मझधार में फंसी दिखाई दे रही है। बावजूद इसके कांग्रेस के दावों में कहीं कोई कमी नहीं है। 

बता दें कि झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए मौजूदा 79 विधायक ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और जीत के लिए एक प्रत्याशी को 27 विधायकों का समर्थन चाहिए। यदि पूरी 81 सीटों की विधानसभा होती तो जीत के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दुमका सीट छोडऩे के बाद भी झामुमो विधायकों की संख्या 29 है।

जाहिर है झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन को उच्च सदन पहुंंचने से कोई नहीं रोक सकता। वहीं, भाजपा की बात करें तो बाबूलाल मरांडी के साथ आने के बाद उनके विधायकों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। आजसू के दो विधायकों का सहयोग भी भाजपा को मिला हुआ है। इसके अलावा निर्दलीय अमित यादव ने भी पूर्व में भाजपा प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर कर अपनी स्थिति साफ कर दी थी। सरयू राय के समर्थन की घोषणा ने दीपक प्रकाश की स्थिति और सहज कर दी है। फिलहाल भाजपा के पक्ष में 30 का आंकड़ा दिखने लगा है।

उधर कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की बात करें तो बेरमो विधायक राजेंद्र सिंह के निधन के बाद कांग्रेस के खुद के विधायकों की संख्या 15 हो गई है। झाविमो छोड़कर कांग्रेस में आए प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को भी शामिल कर लें तो इनकी संख्या 17 होती है, राजद के साथ आने से आंकड़ा 18 तक पहुंच जाता है। एनसीपी और माले का सहयोग भी कांग्रेस की नैया पार नहीं लगा सकता। 

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