इस ट्रेन में न हिचकोले खाने पड़ेंगे और न ही शोर से कान फटेंगे, जानिए

इस ट्रेन में सफर के दौरान न हिचकोले खाने पड़ेंगे और न ही ट्रेन की आवाज आपको हलकान करेगी। ऐसा होगा रेलवे की नई व्यवस्था से।

By Rakesh RanjanEdited By: Publish:Tue, 25 Dec 2018 02:42 PM (IST) Updated:Tue, 25 Dec 2018 03:07 PM (IST)
इस ट्रेन में न हिचकोले खाने पड़ेंगे और न ही शोर से कान फटेंगे, जानिए
इस ट्रेन में न हिचकोले खाने पड़ेंगे और न ही शोर से कान फटेंगे, जानिए

जमशेदपुर, जेएनएन। इस ट्रेन में सफर के दौरान न हिचकोले खाने पड़ेंगे और न ही ट्रेन की आवाज आपको हलकान करेगी। ऐसा होगा रेलवे की नई व्यवस्था से और फायदा मिलेगा हावड़ा-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस के यात्रियों को।

जी हां, उत्कृष्ट रैक के साथ जल्द ही हावड़ा-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस अप व डाïउन पटरियों पर दौड़ेगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इस रैक को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को इस ट्रेन में सफर करने में न ही हिचकोले खाने पड़ेंगे और न ही ट्रेन की आवाज आएगी। यह ट्रेन एलईडी लाइट से पूरी तरह से जगमगाती रहेगी। इसमें बायो टायलेट का साथ कई अन्य सुविधाएं रहेंगी। कोच के आंतरिक हिस्से में भी काफी फेरबदल किया गया है।

बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस एलएचबी कोच से लैस

लंबी दूरी की बिलासपुर पटना साप्ताहिक एक्सप्रेस भी एंटी टेलीस्कोपिक तकनीक से तैयार किए गए लिंक हॉफमैन बुस (एलएचबी) कोच लगाकर चलाने का निर्णय लिया है। अब तक चक्रधरपुर रेल मंडल से गुजरने वाली नौ एक्सप्रेस ट्रेनें एलएचबी कोच से लैस हो गईं हैं। एलएचबी कोच लगने से यात्रियों का सफर पहले से अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं साउंडप्रूफ हो गया है। इसके अलावा ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ गई है। वहीं पहले की तुलना में स्लीपर एवं एसी श्रेणी के कोच में सीट की बढ़ोतरी हुई है। जिससे पहले की अपेक्षा इस एलएचबी कोच में अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। बिलासपुर पटना में एलएचबी कोच लगने से एसी टू के एक कोच में 10 सीट, एसी थ्री के दो कोच में 16 सीट, स्लीपर श्रेणी के सात कोच में 56 सीटों की बढ़ोतरी हो गई है। 

सामान्य कोच से अधिक लंबा

सामान्य कोच 22 मीटर लंबा होता है। एलएचबी कोच 23.54 मीटर का है। इसमें समान्य स्लीपर क्लास की बर्थ 72 से बढ़ा कर 80, एसी थ्री टीयर में 64 से 72, एसी टू टीयर में 46 से 52 हो गई है। अब एलएचबी कोच लगी ट्रेनों में और अधिक यात्री बड़े आराम से सफर कर सकेंगे। 

जानें, क्या एलएचबी कोच

एलएचबी डिजाइन कोच वजन में हल्का है। कोच के पास बेहतर ढुलाई के साथ-साथ हाई स्पीड क्षमता भी है। सुविधाओं के अलावा, एलएचबी डिजाइन कोच ने बेहतर सुरक्षा सुविधाओं में बढ़ोतरी की है। कोच में एंटी-क्लाइम्बिंग जैसी विशेषताएं होती हैं, ताकि टकराव की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर न चढ़ सकें।

इन ट्रेनों में लगे हैं एलएचबी कोच 

टे्न नंबर अप/डाउन -  ट्रेन का नाम 

-20817 व 20818 - नई दिल्ली भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस । 

-22894 व 22893 -हावड़ा साई नगर शिरडी एक्सप्रेस  

-12870 व 12869 - हावड़ा सीएसटीएम मुंबई एक्सप्रेस ।

-22857 व 22858 - संतरागाछी आनंदबिहार एक्सप्रेस । 

- 12101 व 12102- कुर्ला हावड़ा ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस । 

-12151 व 12152  - हावड़ा लोकमान्य तिलक टर्मिनल मुंबई समरसता एक्सप्रेस।

- 19659 व 19660 -  शालिमार उदयपुर सप्ताहिक एक्सप्रेस । 

-22885 व 22886 - लोकमान्य तिलक टाटानगर अंत्योदय ।

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