BBMKU : कोरोना काल में संक्रमण के संभावित खतरे को लेकर भयभीत हैं छात्र, परीक्षा स्थगित करने की उठी मांग Dhanbad News

बीबीएमकेयू आगामी 4 अगस्त से परीक्षा लेने की तैयारी में जुटी है। इस बाबत परीक्षा तिथियों की भी घोषणा कर दी गई है। ऐसे में परीक्षा देने को लेकर छात्रों में डर का माहौल बना हुआ है।

By Sagar SinghEdited By: Publish:Thu, 23 Jul 2020 09:03 PM (IST) Updated:Thu, 23 Jul 2020 09:03 PM (IST)
BBMKU : कोरोना काल में संक्रमण के संभावित खतरे को लेकर भयभीत हैं छात्र, परीक्षा स्थगित करने की उठी मांग Dhanbad News
BBMKU : कोरोना काल में संक्रमण के संभावित खतरे को लेकर भयभीत हैं छात्र, परीक्षा स्थगित करने की उठी मांग Dhanbad News

धनबाद, जेएनएन। वैश्विक महामारी कोरोना काल में बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) आगामी चार अगस्त से परीक्षा लेने की तैयारी में जुटी है। इस बाबत परीक्षा तिथियों की भी घोषणा कर दी गई है। ऐसे में परीक्षा देने को लेकर छात्रों में काफी भय का माहौल बना हुआ है। छात्र-छात्राएं परीक्षा देने को लेकर नहीं बल्कि कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे को लेकर भयभीत हैं।

बता दें कि तीन दिन पूर्व ही स्नातक फाइनल ईयर के एक छात्र को कोरोना संक्रमण के बाद कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया। फाइनल ईयर के इस छात्र के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना जिले में आग की तरह फैल गई,, जिसक बाद से अन्य छात्र भी संक्रमण के संभावित खतरे से भयभीत हैं। छात्रों का मानना है कि परीक्षा देने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ेगा। इस दौरान कहीं भी कभी भी प्रकार से संक्रमित होने की संभावित हो सकता है । इस परिस्थिति को लेकर छात्रों में डर बना हुआ है।

इधर, इस मामले को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा ने गुरुवार को कुलपति डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात कर परीक्षा स्थगित करने की मांग की। मोर्चा के आशीष कुमार ने अपनी मांगों से संबंधित आवेदन भी कुलपति को दिया है। मोर्चा प्रतिनिधियों को कुलपति ने भरोसा दिलाया है कि परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं के सुरक्षा की पूर्ण व्यवस्था की जाएगी।

झारखंड एनएसयूआई ने बुधवार को बीबीएमकेयू के सामने यूजीसी नोटिफिकेशन की प्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष आमिर हाशमी ने कहा यूजीसी को अपना निर्णय वापस लेना होगा। साथ ही अंतिम वर्ष के साथ सभी छात्र-छात्राओं को भी जनरल प्रमोशन दिया जाए। एमएचआरडी और यूजीसी छात्र-छात्राओं को टेस्टिंग किट पहनाकर एग्जाम दिलाना चाहती है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा समय में पूरे देश में 12 लाख से ज्यादा कोरोना केस पहुंच चुका है। ऐसे समय में छात्रों से अगर एग्जाम लिया जाता है तो उनकी जान के साथ खिलवाड़ किया जाएगा।

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