ओपी चौटाला ने पांच बार पूछा- किसे बनाएं ऐलनाबाद उपचुनाव में प्रत्याशी, आवाज आई अभय सिंह चौटाला

महापंचायत में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने पांच बार प्रत्याशी के बारे में पूछा गया। हर बार अभय सिंह चौटाला का नाम ही पंडाल में बैठे लोगों ने लिया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने उनके नाम पर मोहर लगाते हुए उम्मीदवार की घोषणा कर दी।

By Manoj KumarEdited By: Publish:Mon, 04 Oct 2021 09:01 AM (IST) Updated:Mon, 04 Oct 2021 09:01 AM (IST)
ओपी चौटाला ने पांच बार पूछा- किसे बनाएं ऐलनाबाद उपचुनाव में प्रत्याशी, आवाज आई अभय सिंह चौटाला
चौपटा महापंचायत में इनेलो सुप्रीमो ने ओपी चौटाला ने अभय के नाम पर लगाई मोहर

जागरण संवाददाता, सिरसा : ऐलनाबाद उपचुनाव में इनेलो की ओर से प्रत्याशी को लेकर चौपटा में रविवार को महापंचायत बुलाई गई। महापंचायत में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने पांच बार प्रत्याशी के बारे में पूछा गया। हर बार अभय सिंह चौटाला का नाम ही पंडाल में बैठे लोगों ने लिया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने उनके नाम पर मोहर लगाते हुए उम्मीदवार की घोषणा कर दी। ऐलनाबाद उपचुनाव 30 अक्टूबर को होंगे। अभी तक कांग्रेस, भाजपा व अन्य पार्टी ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है।

रविवार को महापंचायत हुई जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने पंडाल में बैठे लोगों से पूछा कि उपचुनाव में किसे प्रत्याशी बनाया जाए। इस पर पंडाल से अभय चौटाला के नाम की आवाज आई। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा आप घर जाकर भी पूछ लेना किसे प्रत्याशी बनाना है, इसके बाद भी अभय सिंह का नाम लिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा हलका का प्रत्याशी आपने चुना है। हम जनता का फैसला स्वीकार करते हैं। हम दूसरी पार्टी की तरह एसी रूम में बैठकर प्रत्याशी की घोषणा नहीं करते हैं।

इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर अपने विधानसभा क्षेत्र से इस्तीफा दिया था। अभय चौटाला ने कहा कि सरकार इन उपचुनाव को करवाने के लिए जानबूझ कर इसे देरी से करवाने का षड्यंत्र रच रही थी। मुझ पर जो विश्वास जताया है। इस पर जनता के वादे पर खरा उतरने का वादा करता हूं।

प्रदेश पर ढाई लाख करोड़ रुपये कर्ज

इससे पहले सिरसा स्थित इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के आवास पर प्रदेश स्तरीय बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि जब इनेलो की वर्ष 2005 में सरकार थी। उस समय खजाने में दो हजार करोड़ रुपये थे। अब प्रदेश सरकार ने ढाई लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया हुआ है। जबकि प्रदेश में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। स्कूलों में अध्यापक नहीं है।अस्पताल में डाक्टर नहीं है। कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए पैसे नहीं है।

इससे पूर्व उनके नेतृत्व में इनेलो प्रदेश कार्यकारिणी ने चार प्रमुख मुद्दों पर निंदा प्रस्ताव पारित किया जिसमें मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण बिल, बढ़ती बेरोजगारी के प्रति सरकार की उदासीनता व बेमौसमी बरसात के कारण किसानों की फसल के प्रति सरकार की ओर से पर्याप्त व उचित मुआवजा न दिए जाने के प्रति सरकार की उदासीनता प्रमुख थे।

इस अवसर पर इनेलो सुप्रीमो ने प्रदेश कार्यकारिणी से संगठन की मजबूती पर ध्यान देने का आह्वान किया। बैठक में इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी, सिरसा प्रभारी कर्ण सिंह चौटाला, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रकाश भारती, अश्विनी दत्ता, पूर्व मंत्री भागीराम, पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा, पूर्व विधायक ओमप्रकाश गोरा, पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक मौजूद रहे।

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