स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शहरों की तस्वीर बदल रही: नायडू

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सर्वांगीण शहरी विकास और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शहरों की तस्वीर बदल रही है।

By Bhupendra SinghEdited By: Publish:Thu, 12 Jan 2017 04:34 AM (IST) Updated:Thu, 12 Jan 2017 04:52 AM (IST)
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शहरों की तस्वीर बदल रही: नायडू

अहमदाबाद। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सर्वांगीण शहरी विकास और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शहरों की तस्वीर बदल रही है। फुटपाथ और साइकिल ट्रैक से लेकर बीआरटीएस, मेट्रो और फ्लायओवर्स से शहर नई आधुनिक ढांचागत सुविधाओं से लैस हो रहे हैं।

गांधीनगर महात्मा मंदिर पर 'स्मार्ट एंड लिवेबल सिटीजन- अपॉर्चुनिटीज एंड चैलेंजेज' विषयक सेमिनार में नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश भर में बदलाव आ रहा है। इतना ही नहीं, लोगों का अभिगम अब विकासाभिमुख दिशा की ओर बदल रहा है। सरकार ने शहरीकरण को समस्या नहीं बल्कि विकास का नया अवसर मानते हुए शहरों के सर्वांगीण विकास का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।
वैश्विक निवेशकों को इन क्षेत्रों में निवेश करने का न्यौता देते हुए उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों का अभिगम अब बदल रहा है और इसलिए ही देशभर के विभिन्न शहरों के बीच विकास की स्वस्थ प्रतियोगिता हो रही है। शहरों को उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर क्रेडिट रैंकिंग दी जा रही है और गुजरात का अहमदाबाद शहर ए प्लस रैंकिंग पर देश में अव्वल हैं।
नायडू ने कहा कि शासन व्यवस्था में प्रो-पीपुल और सकारात्मक अभिगम द्वारा ही नए परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। विकास को केन्द्र में रखने वाली सरकार के लिए पॉपुलिज्म नहीं बल्कि पीपुलिज्म- लोगों की आवश्यकता ही महत्वपूर्ण है। शहरों की तरह ही गांवों के सर्वांगीण विकास द्वारा गुजरात में स्थापित विकास के नवीन मापदंडों की प्रशंसा करते हुए नायडू ने कहा कि गुजरात राज्य आज इकोनॉमिक एक्सप्रेस हाईवे ऑफ इंडिया बन रहा है। विकास के गुजरात मॉडल को फ्लेवर ऑफ कंट्री करार देते हुए उन्होंने कहा कि अहमदाबाद मेट्रो के प्रथम चरण में 36 किमी का कामकाज 2018 तक पूरा हो जाएगा।
केन्द्र सरकार के पारदर्शी और जवाबदेह विकास के कारण ही आज देशभर की शिक्षा संस्थाओं में कन्याओं के लिए 4,17,000 शौचालय निर्मित हुये हैं।
सेमिनार के दौरान गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और भावनगर जैसे शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग से लेकर विभिन्न अंतरढांचागत सुविधाओं के निर्माण के लिए 11,600 करोड़ के 9 समझौता करार किए गए।

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