फीफा ने आखिर अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ को क्यों किया निलंबित , जानिए पूरा घटनाक्रम

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि प्रतिबंध थोड़े समय के लिए ही हो सकता है क्योंकि सीओए चुनावों और नए संविधान को लेकर फीफा की लगभग सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार है। ऐसे में अंडर-17 महिला विश्व कप भारत में हो सकता है।

By Sanjay SavernEdited By: Publish:Tue, 16 Aug 2022 07:25 PM (IST) Updated:Tue, 16 Aug 2022 07:25 PM (IST)
फीफा ने आखिर अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ को क्यों किया निलंबित , जानिए पूरा घटनाक्रम
फीफा के प्रतिबंध का भारतीय फुटबाल पर पड़ेगा गहरा असर (एपी फोटो)

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। फुटबाल की वैश्विक संस्था फीफा ने तीसरे पक्ष के गैर जरूरी हस्तक्षेप का हवाला देते हुए मंगलवार को अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआइएफएफ) को निलंबित कर दिया। इस निलंबन का असर भारतीय फुटबाल पर काफी पड़ेगा और इससे सबसे ज्यादा प्रभावित खिलाड़ी होंगे। इस बात का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि फीफा ने निलंबन के साथ ही एआइएफएफ से इस साल अक्टूबर में होने वाले अंडर-17 महिला विश्व कप के मेजबानी के अधिकार छीन लिए हैं।

निलंबन के कारण शीर्ष खिलाड़ियों के साथ-साथ इंडियन सुपर लीग (आइएसएल) और आइ लीग क्लबों पर भी काफी तनाव है। फीफा कानून के अनुच्छेद-13 के अनुसार, विश्व फुटबाल शासी निकाय की महासचिव फातमा समौरा द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एआइएफएफ का प्रतिनिधित्व करने वाले क्लबों और टीमें तब तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने की हकदार नहीं हैं, जब तक कि निलंबन हटा नहीं लिया जाता। एआइएफएफ से जुड़ी सीनियर पुरुष टीम पर 2023 के अंत या 2024 की शुरुआत तक एएफसी एशियाई कप में भाग लेने के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन अगले कुछ महीनों में आयोजित होने वाले क्लबों और आयु-वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के लिए निर्धारित मुकाबलों को लेकर पेंच फंस सकता है।

इस तरह का रहा अबतक का घटनाक्रम

-18 मई- सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एआइएफएफ प्रमुख प्रफुल पटेल और उनकी कार्यकारी समिति को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया। उच्चतम न्यायालय ने तीन सदस्यीय प्रशासकों की समिति (सीओए) की भी नियुक्ति की। 

-23 मई- प्रफुल पटेल ने फीफा प्रमुख जियानी इंफेंटिनो से अनुरोध किया कि एआइएफएफ का संचालन सीओए को सौंपे जाने के बाद देश पर प्रतिबंध न लगाया जाए। 

-29 मई- सीओए सदस्य एसवाई कुरैशी ने कहा कि सितंबर के आखिर तक एआइएफएफ का एक नव-निर्वाचित निकाय होना चाहिए। 

- 21 जून- फीफा-एएफसी दल और सीओए के बीच पहले दौर की बातचीत अच्छी रही। 

- 23 जून- फीफा-एएफसी दल ने व्यवस्था में सुधार के लिए समयसीमा तय की। हितधारकों से 31 जुलाई तक संविधान को मंजूरी देने और 15 सितंबर तक चुनाव कराने के लिए कहा। 

- 13 जुलाई - सीओए ने फीफा को एआइएफएफ का अंतिम मसौदा संविधान भेजा। 

- 16 जुलाई- सीओए ने एआइएफएफ मसौदा संविधान को मंजूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट को सौंपा। 

- 21 जुलाई- सुप्रीम कोर्ट ने एआइएफएफ के चुनावों में तेजी लाने की आवश्यकता का समर्थन किया। 

- 26 जुलाई- फीफा ने एआइएफएफ से सिफारिश की कि सीओए द्वारा संविधान के मसौदे में निर्धारित 50 प्रतिशत के बजाय एआइएफएफ को अपनी कार्यकारी समिति में 25 प्रतिशत प्रख्यात खिलाडि़यों का प्रतिनिधित्व रखना चाहिए। 

- पांच अगस्त - सुप्रीम कोर्ट ने एआइएफएफ चुनावों के लिए सीओए की समयसीमा को मंजूरी दी, चुनाव 28 अगस्त को होंगे और चुनाव प्रक्रिया 13 अगस्त से शुरू होगी। 

- छह अगस्त- फीफा ने तीसरे पक्ष के प्रभाव के कारण एआइएफएफ को निलंबित करने की धमकी दी। 

- सात अगस्त- सीओए ने फीफा को आश्वासन दिया कि वह एआइएफएफ को व्यवस्थित करने के लिए तैयार हैं। 

- 11 अगस्त- सुप्रीम कोर्ट ने एआइएफएफ अपदस्थ प्रमुख प्रफुल पटेल की बैठकों में भाग लेने पर राज्य संघों को चेतावनी दी। 

-13 अगस्त- एआइएफएफ के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में शामिल मतदाताओं की सूची में बाईचुंग भूटिया और आइएम विजयन सहित 36 प्रतिष्ठित खिलाड़ी शामिल। 

- 16 अगस्त-फीफा ने तीसरे पक्ष के अनुचित प्रभाव के कारण एआइएफएफ को निलंबित किया। 

फीफा की शर्तो पर चुनाव कराने के लिए तैयार सीओए

फीफा के निलंबन लगाए जाने के कुछ देर बाद ही सीओए फीफा के शर्तो के अनुसार, एआइएफएफ के चुनाव कराने पर सहमत हो गई है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि प्रतिबंध थोड़े समय के लिए ही हो सकता है, क्योंकि सीओए चुनावों और नए संविधान को लेकर फीफा की लगभग सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार है। ऐसे में अंडर-17 महिला विश्व कप का आयोजन अभी भारत में हो सकता है।

एक शीर्ष सूत्र ने कहा,'अधिकारियों को लग रहा है कि प्रतिबंध थोड़े समय के लिए ही रहेगा और चुनाव 28 अगस्त को नहीं लेकिन 15 सितंबर ( फीफा की समय सीमा) से पहले कराए जाएंगे। सीओए फीफा की शतरें के अनुसार चुनाव कराने पर सहमत है।' भारतीय फुटबाल समुदाय को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के फैसले का इंतजार है। सूत्रों ने बताया कि सीओए, फीफा और खेल मंत्रालय राज्य संघों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल के साथ एआइएफएफ के चुनाव कराने पर सहमत हैं। अब इन चुनावों के निर्वाचक मंडल में 36 प्रख्यात खिलाडि़यों को शामिल नहीं किया जाएगा।

क्या पड़ेगा असर -

-भारत से अंडर-17 महिला विश्व कप के मेजबानी अधिकार छीना। 

-भारत को सितंबर में वियतनाम और सिंगापुर से दो मैत्री मैच खेलने हैं, निलंबन नहीं हटने पर यह रद हो जाएंगे। 

-महिला आइ लीग चैंपियन गोकुलम केरला को एएफसी महिला क्लब चैंपियनशिप में खेलना है, जिस पर भी अब संकट के बादल छा सकते हैं। 

-मोहन बगान के सात सितंबर को होने वाले एएफसी कप इंटर जोनल सेमीफाइनल पर भी संशय। 

-एएफसी अंडर-20 में भारत के अभियान पर खतरा। 

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