Lok Sabha Election 2019: राजस्थान में गर्मी बढ़ाएगी प्रत्याशियों की मुश्किल, घर-घर पहुंचना संभव नहीं

राजस्थान में प्रत्याशियों को एक-दूसरी से ही नहीं बल्कि गर्मी से भी मुकाबला करना होगा। सबसे बड़ी चुनौती होगी भीषण गर्मी से मुकाबला। ऐसे में घर-घर पहुंचना प्रत्याशियों से संभव नहीं

By Preeti jhaEdited By: Publish:Sat, 06 Apr 2019 02:08 PM (IST) Updated:Sat, 06 Apr 2019 02:08 PM (IST)
Lok Sabha  Election 2019: राजस्थान में गर्मी बढ़ाएगी प्रत्याशियों की मुश्किल, घर-घर पहुंचना संभव नहीं
Lok Sabha Election 2019: राजस्थान में गर्मी बढ़ाएगी प्रत्याशियों की मुश्किल, घर-घर पहुंचना संभव नहीं

उदयपुर, सुभाष शर्मा। राजस्थान में इस बार प्रत्याशियों को एक-दूसरी से ही नहीं, बल्कि गर्मी से भी मुकाबला करना होगा। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी भीषण गर्मी से मुकाबला। ऐसे में घर-घर पहुंचना प्रत्याशियों से संभव नहीं होगा। साथ ही सभाओं के लिए भी भीड़ जुटाने के लिए पहले ज्यादा मशक्कत करनी होगी।

पिछले लोकसभा चुनाव और इन दिनों के तापमान में लगभग पांच डिग्री सेल्सियस का बड़ा अंतर है। साथ ही मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई है। अप्रेल 2014 में राजस्थान में औसत तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं रहा। वहीं गुरुवार को उदयपुर में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान के अन्य हिस्सों में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया है। ऐसे में प्रत्याशियों के सामने प्रतिद्वंद्वी से अधिक मुकाबला गर्मी से करना होगा। प्रदेश में अब प्रत्याशियों के पास महज तीन-चार सप्ताह का समय बचा है और भीषण गर्मी में इस दौरान बड़े क्षेत्र में घर-घर मतदाताओं तक पहुंचना तो दूर उनके सामने समस्या होगी कि वह गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंच बना पाए।

इसी के साथ सभाओं में भीड़ जुटाना भी पहले जैसा आसान नहीं होगा। गर्मी से बचाव के लिए प्रत्याशियों को सभाओं के आयोजन में ज्यादा खर्च करना होगा। साथ ही जनता की सुविधा के अनुसार समय भी तय करना होगा। गर्मी में सभाओं की सफलता को लेकर पार्टी प्रत्याशी भी बेहद चिंतिंत हैं। जयपुर और जोधपुर के अलावा कुछ लोकसभा सीटों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर लोकसभा क्षेत्र में मतदाता दो या दो से अधिक जिलों में बिखरे हुए हैं। मेवाड़ के लोकसभा क्षेत्र की बात की जाए तो राजसमंद जिले के मतदाता, राजसमंद, नागौर तथा अजमेर जिले में, उदयपुर लोकसभा के मतदाता प्रतापगढ़, डूंगरपुर तथा उदयपुर जिले में, चित्तौडग़ढ़ लोकसभा क्षेत्र के मतदाता चित्तौडग़ढ़, उदयपुर तथा प्रतापगढ़ जिले में और बांसवाड़ा-डूंगरपुर जिले के मतदाता दोनों जिलों में हैं।

यहां पहले चरण में 29 अप्रेल को जिन तेरह सीटों के लिए मतदान होगा, उनमें मेवाड़-वागड़ की चारों सीटें शामिल हैं। गर्मी के चलते गश खा गए थे कांग्रेस प्रत्याशी गर्मी के चलते चित्तौडग़ढ़ लोकसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी गोपालसिंह इडवा पिछले दिनों गश खाकर गिर पड़े थे। इसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी एवं मौजूदा सांसद सीपी जोशी उनके हाल-चाल जानने अस्पताल पहुंचे थे।

इनका कहना है

मौजूदा सांसद एवं भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मीणा- तीन सप्ताह के दौरान सभी मतदाताओं से मिलना संभव नहीं हैं, भीषण गर्मी में अलसुबह से ही प्रचार की तैयारी में जुट जाते हैं। दोपहर में ना तो मतदाता मिल पाते और ना ही सभा हो पाती।

उदयपुर कांग्रेस प्रत्याशी रघुवीरसिंह मीणा- उदयपुर गर्मी के बावजूद मतदाताओं से मिलने के लिए जी-तोड़ कोशिश जारी है। जीत के लिए जरूरी है कि हर मतदाता से मिला, हालांकि यह संभव हो पाएगा या नहीं, कहना मुश्किल है। हां, गर्मी का असर प्रचार पर रहेगा।  

सीपी जोशी, सांसद और भाजपा प्रत्याशी, चित्तौडग़ढ़- चित्तौडग़ढ़ लोकसभा क्षेत्र बहुत विस्तृत इलाके में है। हर मतदाता तक पहुंचना एक माह में संभव नहीं, गांव-गांव तक पहुंच बनाने के लिए कोशिश में जुटे हैं।

चित्तौडग़ढ़ कांग्रेस प्रत्याशी गोपालसिंह इडवा- चित्तौडग़ढ़ जिले में पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर पिछले कई साल से काम कर रहा था। हर मतदाता तक पहुंचना तो मुश्किल होगा। गर्मी भी इसके पीछे एक बड़ा कारण है। हालांकि कोशिश की जा रही है कि समाज, गांव, ढाणी स्तर पर मुलाकात कर सकें।

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