Loksabha Election 2019 : प्रत्‍याशियों को विदेशी संपत्तियों की भी करनी होगी घोषणा

लोकसभा चुनाव 2019 में प्रत्याशियों को इस बार नामांकन फार्म के साथ फार्म 26 में देश में मौजूद चल-अचल संपत्ति के साथ विदेशों में मौजूद संपत्ति का विवरण भी देना होगा।

By Pradeep SrivastavaEdited By: Publish:Mon, 11 Mar 2019 12:11 PM (IST) Updated:Tue, 12 Mar 2019 09:46 AM (IST)
Loksabha Election 2019 : प्रत्‍याशियों को विदेशी संपत्तियों की भी करनी होगी घोषणा
Loksabha Election 2019 : प्रत्‍याशियों को विदेशी संपत्तियों की भी करनी होगी घोषणा

गोरखपुर, जेएनएन। लोकसभा चुनाव 2019 में प्रत्याशियों को इस बार नामांकन फार्म के साथ फार्म 26 में देश में मौजूद चल-अचल संपत्ति के साथ विदेशों में मौजूद संपत्ति का विवरण भी देना होगा। ऐसा न करने की दशा में उनकी प्रत्याशिता निरस्त की जा सकती है। इस बार चुनाव आयोग ने यह नई व्यवस्था की है। एडीएम सिटी व उप जिला निर्वाचन अधिकारी आरके श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्याशियों को अपनी संपत्ति के साथ आश्रितों की संपत्ति का विवरण भी देना होगा।

अखबार में प्रकाशित करानी होगी आपराधिक मामलों की स्थिति

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी को शपथ पत्र में मुकदमों का विवरण देने के साथ उसे तीन बार अखबारों में प्रकाशित कराना होगा। उन्हें यह जानकारी देनी होगी कि मुकदमे की स्थिति क्या है? दंड मिल चुका है, मुकदमा लंबित है या फिर उस मामले में न्यायालय से स्थगन आदेश है, सभी जानकारियां अलग-अलग तिथियों में प्रकाशित करानी होंगी।

मतदाता पर्ची के साथ पहचान पत्र लाना न भूलें

मुख्य विकास अधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि मतदाताओं को मिलने वाली मतदाता पर्ची केवल उन्हें जानकारी देने के लिए है। केवल इसके आधार पर वोट नहीं दे सकेंगे। पर्ची के साथ मतदाता पहचान पत्र या अन्य कोई पहचान पत्र लेकर जाना होगा। सभी बूथों पर वीवीपैट होगा। वोट देने के बाद सात सेकेंड तक मतदाता यह देख सकेगा कि किसे वोट दिया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील बूथों की वेबकास्टिंग होगी।

जुलूस से पहले निर्धारित करना होगा मार्ग

राजनीतिक पार्टियों को जुलूस निकालने से पहले मार्ग निर्धारित करना होगा और उसकी अनुमति लेनी होगी। एक समय और मार्ग पर दो जुलूसों को अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे किसी प्रकार के टकराव की आशंका को खत्म किया जा सके।

चलाए जाएंगे मतदाता जागरूकता अभियान

अधिक से अधिक मतदान के लिए मतदाता जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि लोगों को ईवीएम व वीवीपैट के बारे में जागरूक किया जा रहा है। सहजनवां की एसडीएम सरमनजीत कौर ब्रोका को स्वीप प्रभारी बनाया गया है।

आचार संहिता का उल्लंघन पड़ेगा महंगा

लोकसभा चुनाव 2019 के तिथियों की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता  भी प्रभावी हो गई है और उसका पालन कराने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। अनुपालन कराने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में  निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने बैठक की।

बैठक के बाद जीडीए उपाध्यक्ष, अमित बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अनुज सिंह व एडीएम सिटी आरके श्रीवास्तव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। प्रचार सामग्री हटाने के लिए टीमें लगा दी गईं हैं। 24 घंटे पर सभी प्रचार सामग्रियां हटा दी जाएंगी।

प्रचार सामग्री हटाने के लिए नगर निगम क्षेत्र को चार जोन में बांटा गया है। इनमें आठ टीमें लगाई गई हैं। पूरे जिले से प्रचार सामग्रियां हटाई जाएंगी। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है।

चुनावी सभाओं की होगी रिकार्डिंग

एडीएम सिटी ने बताया कि सभी चुनावी सभाओं की रिकार्डिंग कराई जाएगी। सभाओं में केवल एक-दूसरे के नीतियों की ही आलोचना की जा सकेगी। कोई व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाए जाएंगे। चुनावी रैली व सभाओं में हुए खर्च पर भी नजर रखी जाएगी। जल्द ही रेट लिस्ट तय कर लिया जाएगा। एक प्रत्याशी 80 लाख रुपये खर्च कर सकेगा।

नकदी पैसे का रखना होगा पक्का हिसाब

चुनाव के समय नकद पर प्रशासन की कड़ी नजर होगी। शादी-विवाह के समय में आम लोगों के पास भी नकद हो सकता है। जो भी पैसा हो, उसका पक्का हिसाब होना चाहिए। पैसा कहां से लाया गया, किस खाते से निकाला गया, इसका विवरण जरूर रखें।

सोशल मीडिया की होगी निगरानी

लोकसभा चुनाव में इस बार सोशल मीडिया पर भी आचार संहिता लागू होगी। निर्वाचन आयोग ने उस पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर कैंपेनिंग का खर्च भी जोड़ा जाएगा। आयोग के मुताबिक सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को इस बार किसी भी राजनीतिक पार्टी का विज्ञापन जारी करने की स्वीकृति लेनी होगी। गूगल और फेसबुक को भी ऐसे विज्ञापनदाताओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार फेक न्यूज और हेट स्पीच पर नियंत्रण के लिए भी सोशल मीडिया से अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा गया है। चुनावी खर्चे पर आयोग विशेष नजर रखेगा।

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