काड्र्स पर हैकर्स की नज़र

ऑनलाइन बैंकिंग के ज़माने में अब लोग बैंक जाने से कतराने लगे हैं। रुपये निकालने हों या जमा करवाने हों, सबके लिए काड्र्स का इस्तेमाल करना ही आसान रहता है।

By Suchi SinhaEdited By: Publish:Tue, 20 Dec 2016 04:04 PM (IST) Updated:Tue, 20 Dec 2016 04:17 PM (IST)
काड्र्स पर  हैकर्स की नज़र

कुछ दिनों पहले एक खबर ने सबको चौंका दिया। देश भर में अलग-अलग बैंकों के लगभग 32 लाख डेबिट काड्र्स के डिटेल्स चोरी होने की आशंका से हर कार्ड यूज़र घबरा गया। जानें कुछ ऐसे तरीके जिनसे कार्ड हैक होने से बचाया जा सकता है।
चेक द एटीएम बूथ
मशीन को देखने पर अगर लगे कि कार्ड रीडर का कलर मशीन के कलर से अलग है या ठीक तरह से नहीं लगा हुआ है तो उसका इस्तेमाल न करें। अगर कार्ड रीडर में कुछ अलग से लगाया हुआ या ढीला लगे तो उसका मतलब है कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। मशीन का कीपैड नॉर्मल से कुछ मोटा या अलग कलर का नज़र आए तो कभी भी पिन नंबर नहीं डालें। फ्रॉड करने के लिए असली कीपैड के ऊपर नकली कीपैड लगा दिया जाता है।
हाइड द कीपैड
एटीएम में कोई भी हिडेन कैमरा लगाकर आपका पिन हैक कर बाद में कॉल के ज़रिये आसानी से बेसिक कार्ड डिटेल्स ले सकता है। बेहतर होगा कि पिन डालते समय एटीएम कीपैड को छुपा लें। ऐसे कैमरे आसानी से नज़र नहीं आते हैं, आप तो यह सोच कर निश्चिंत रहेंगे कि आपका पिन नंबर किसी को नहीं मालूम, जबकि ट्रान्ज़ैक्शन के साथ ही वह हैकर्स तक पहुंच चुका होता है।
डोन्ट शेयर डिटेल्स ओवर फोन
अकसर लोग शिकायत करते हैं कि उनके पास बैंक से कॉल आई थी, जिसमें उनके पिन नंबर या अकाउंट संबंधी जानकारियां मांगी गई थीं। अपनी पर्सनल फाइनेंशियल जानकारी को $फोन पर किसी से साझा करने से बचना चाहिए। कोई भी बैंक या इंश्योरेंस कंपनी फोन पर इतनी ज़रूरी जानकारियां नहीं मांगती है। इस तरह की कॉल्स आने पर सजग हो जाना चाहिए, ऐसे में कॉल को तुरंत कट कर दें या $फोन करने वाले से यह जानने की कोशिश करें कि वह इतनी जानकारी क्यों ले रहा है।
पासवर्ड मैनेजर एप
अगर सर्विस प्रोवाइडर आपका पासवर्ड वॉल्ट क्लाउड पर स्टोर कर रहा है तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह पासवर्ड की सि$र्फ एनक्रिप्टेड कॉपी ही रख रहा हो, ना कि मास्टर पासवर्ड को एक्सेस कर रहा हो। ऐसा पासवर्ड मैनेजर एप चुनें जिसमें दो स्टेप्स में वेरिफिकेशन होता हो या अतिरिक्त स्तर पर सिक्योरिटी की गारंटी ली जाती हो। एप में कुछ देर इनऐक्टिव रहने पर खुद-ब-खुद लॉग आउट होने का ऑप्शन होना चाहिए। मास्टर पासवर्ड थोड़ा डिफिकल्ट रखें, जिसमें कैपिटल लेटर्स, स्मॉल लेटर्स, नंबर्स और सिंबल्स का इस्तेमाल हो। इससे उसेहैक नहीं किया जा सकेगा।

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