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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महिला को मिला ससुराल में रहने का हक

By JagranEdited By:
Published: Thu, 13 Apr 2017 09:44 PM (IST)

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली तीस हजारी अदालत में घरेलू ¨हसा के मामले में महिला के हक में फैसला सु

महिला को मिला ससुराल में रहने का हक
महिला को मिला ससुराल में रहने का हक

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली

तीस हजारी अदालत में घरेलू ¨हसा के मामले में महिला के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि उसे पति के घर में रहने का पूरा अधिकार है। उसे वहां से कोई निकाल नहीं सकता है।

अधिवक्ता जूही अरोड़ा द्वारा लगाई गई याचिका में कहा गया कि पति की प्रताड़नाओं से तंग आकर केवल घर में सुरक्षित ढंग से रहने का अधिकार मांगा जा रहा है, उन्हें पति से किसी प्रकार का गुजारा भत्ता नहीं चाहिए। 45 वर्षीय पत्नी निधि भसीन स्कूल टीचर हैं और पति राजीव मेहता कुवैत में नौकरी कर रहा है। वह अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ जनकपुरी स्थित पति के घर में प्रथम तल पर रह रही हैं।

महिला अदालत की महानगर दंडाधिकारी रुचिका सिंगला ने अपने आदेश में कहा कि पति द्वारा महिला के इस दावे को चुनौती नहीं दी गई कि उसके पास रहने के लिए अपने घर का इंतजाम नहीं है। लिहाजा प्रताड़ना की बात को सही मानते हुए उसे पति के घर में रहने का अधिकार दिया जाता है। अदालत ने महिला को पति द्वारा प्रताड़ित करने व उससे बातचीत करने का प्रयास करने पर भी रोक लगा दी है। पति नाबालिग बच्चों से मिलने व बातचीत करने का प्रयास भी नहीं करेगा।

बार-बार समन भेजकर अदालत में पेश होने के आदेश के बावजूद पति नहीं आया, जिसके चलते अदालत को महिला के पक्ष में एक तरफा फैसला लेना पड़ा। महिला की तरफ से कहा गया था कि पति ने भारत में ही नहीं कुवैत में भी उसके साथ मारपीट की थी। इस संबंध में उसने दूतावास को संपर्क का अपनी शिकायत भी दर्ज कराई थी।