कोरोना से उम्रदराज को ज्यादा खतरा, इस वजह से संक्रमितों की ज्यादा जा रही जान

पटना में वृद्धों को कोरोना से ज्यादा खतरा है। दमा टीबी हृदयाघात कैंसर जैसे रोगों से कमजोर हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता से ज्यादा जानें जा रहीं।

By Akshay PandeyEdited By: Publish:Wed, 22 Jul 2020 08:37 PM (IST) Updated:Wed, 22 Jul 2020 11:24 PM (IST)
कोरोना से उम्रदराज को ज्यादा खतरा, इस वजह से संक्रमितों की ज्यादा जा रही जान
कोरोना से उम्रदराज को ज्यादा खतरा, इस वजह से संक्रमितों की ज्यादा जा रही जान

पवन कुमार मिश्रा, पटना।  राजधानी पटना में अबतक कोरोना से जिन 38 लोगों की मौत हुई है, उनमे 28 लोग 51 से 70 वर्ष के बीच के थे। हालांकि, इसका कारण बढ़ती उम्र और दमा, टीबी, हृदयाघात, कैंसर जैसे रोगों से कमजोर हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता को माना जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इनमें से आधे से अधिक लोग उम्रदराज होने के कारण किसी न किसी गंभीर रोग से पीड़ित थे। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विभा कुमारी सिंह ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए इस आयु-वर्ग को स्वस्थ दिनचर्या का पालन करने के साथ आवश्यक रूप से एक घंटे योग व सांसों का व्यायाम जरूर करना चाहिए। इसके अलावा आवश्यक होने पर ही बाहर या भीड़भाड़ वाली जगह पर जाएं। मास्क जरूर पहनें और किसी से बातचीत करते समय कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें। यदि अस्पताल या जांच कराने जाएं तब भी मास्क और फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करें। इस समय गर्म पानी पीने का काफी लाभ है।

इस उम्र में साइटोकाइन स्टॉर्म का खतरा ज्यादा 

पीएमसीएच के कोरोना नोडल पदाधिकारी डॉ. पूर्णानंद झा ने बताया कि अधिक आयुवर्ग के लोगों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने की शक्ति काफी कम हो जाती है। यदि साथ में कोई गंभीर रोग है तो हालात और बिगड़ सकते हैं।  साइटोकाइन स्टॉर्म से मल्टीपल ऑर्गन फेल होने से रोगी की मौत हो सकती है। कमजोर इम्यून पावर वाले लोगों को भी संक्रमण का ज्यादा खतरा है।  

आयुवर्ग - मरने वालों की संख्या :

- 01-10,   00

- 11-20,  00

- 21-30,  00

- 31-40,  01

- 41-50,  05

- 51-60,  13

- 61-70,  15

- 71-80,  04

- 81-90,  00 

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