Bihar STET Result: एसटीईटी में जो पास हो गए उनकी नौकरी पक्‍की! पांच हजार पद रह जाएंगे खाली

BSEB Bihar Board STET Result बिहार बोर्ड ने राज्‍य शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्‍ट शुक्रवार को जारी कर दिया। इस रिजल्‍ट में पास करने वाले उम्‍मीदवारों की तादाद स्‍कूलों में रिक्‍त पड़े शिक्षकों के पदों से कम है।

By Shubh Narayan PathakEdited By: Publish:Sat, 13 Mar 2021 08:59 AM (IST) Updated:Sun, 14 Mar 2021 07:39 AM (IST)
Bihar STET Result: एसटीईटी में जो पास हो गए उनकी नौकरी पक्‍की! पांच हजार पद रह जाएंगे खाली
बिहार में शिक्षक बनने की चाह रखने वालों के लिए बड़ी खबर। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar STET Result: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी), 2019 का रिजल्ट शुक्रवार की शाम जारी कर दिया है। बोर्ड ने 15 विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की थी, 12 विषयों का रिजल्‍ट जारी कर दिया है। उर्दू, संस्कृत एवं विज्ञान का रिजल्‍ट अभी जारी होना बाकी है। इस परीक्षा के आधार पर अगले कुछ दिनों में 37 हजार रिक्‍त पदों के लिए बहाली शुरू होनी है, लेकिन एसटीईटी में 24 हजार 599 अभ्यर्थी ही सफल घोषित किए गए हैं। इस आधार पर माना जा रहा है कि परीक्षा पास करने वाले सभी उम्‍मीदवार नौकरी हासिल कर ही लेंगे।

सात हजार परीक्षार्थियों का रिजल्‍ट आना अभी बाकी

लगभग सात हजार परीक्षार्थियों का रिजल्ट अभी जारी होना बाकी है। अगर सभी सात हजार परीक्षार्थियों को उत्‍तीर्ण भी मान लिया जाए तो अभी भी पांच हजार सीटें खाली रह जाएंगी। मालूम हो कि शिक्षा विभाग (Bihar education department) ने पूर्व में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए कुल 37,440 रिक्तियां घोषित की थीं।

कुल रिक्तियां : 37440

माध्यमिक कक्षाओं के लिए

विषय : पद

अंग्रेजी : 5054

गणित : 5054

विज्ञान : 5054

सामाजिक विज्ञान : 5054

ङ्क्षहदी : 3000

संस्कृत : 1054

उर्दू : 1000

कुल पद : 25270

उच्च माध्यमिक

अंग्रेजी  : 2125

गणित : 2104

भौतिकी : 2384

रसायन शास्त्र : 2221

प्राणी शास्त्र : 723

वनस्पति शास्त्र : 835

कंप्यूटर साइंस : 1673

मैथिली : 105

कुल पद : 12170

587 परीक्षार्थियों का परीक्षाफल निरस्त

बिहार बोर्ड ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए पेपर वन में सामाजिक विज्ञान विषय में इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं राजनीतिशास्त्र में से किसी दो विषय की परीक्षा देनी थी। इसमें से परीक्षार्थियों को इतिहास या भूगोल की परीक्षा देना अनिवार्य कर दिया गया था। लेकिन 587 परीक्षार्थियों ने दोनों में से किसी विषय की परीक्षा नहीं दी, ऐसे में उनके रिजल्ट को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति  की  ओर से निरस्त कर दिया गया।

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