विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब मास्क पहनकर आने वालों के लिए ही खुलेगा मुजफ्फरपुर के एमआइटी का दरवाजा

By Ajit KumarEdited By:
Published: Fri, 27 May 2022 09:59 AM (IST)

टेकफेस्ट में अव्वल आई एमआइटी के विद्यार्थियों की तकनीक माडल को अपनाएगा कालेज। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस कालेज के माडल ...और पढ़ें

प्रोजेक्ट के लिए छात्र को आर्थिक रूप से सहयोग का भी आश्वासन दिया गया। फाइल फोटो
प्रोजेक्ट के लिए छात्र को आर्थिक रूप से सहयोग का भी आश्वासन दिया गया। फाइल फोटो

मुजफ्फरपुर, जासं। मुजफ्फरपुर इंस्टीट््यूट आफ टेक्नोलाजी (एमआइटी) में मास्क लगाकर आने वाले लोगों को ही प्रवेश मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस दरवाजा तभी खुलेगा, जब मास्क पहने रहेंगे। प्रथम वर्ष के छात्र ने टेकफेस्ट टेक्मिति-2022 के प्रस्तुति कार्यक्रम के दौरान एमआइटी के माडल की प्रस्तुति दी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस फार कोविड-19 नामक इस प्रोजेक्ट को मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र शंकर कुमार के नेतृत्व में तैयार किया गया है। इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन के प्रथम वर्ष के राहुल कुमार, मैकेनिकल की छात्रा साक्षी राय और नैना भारती ने भी इस प्रोजेक्ट में सहयोग किया है। 

शंकर ने बताया कि फरवरी महीने में कोविड के दौरान ही इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया। यह आइडिया तब दिमाग में आया जब आदेश के बाद भी लोग बिना मास्क के कालेज परिसर में घूमते दिखे। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस इस तकनीक में एक सर्वर मोटर लगा है। यह कैमरा से सीधे कनेक्ट रहेगा। कैमरा मास्क को डिटेक्ट करेगा और डीसी मोटर और आर्डिनो के माध्यम से गेट अपने आप खुल जाएगा। करीब चार हजार रुपये खर्च कर विद्यार्थियों ने इस प्रोजेक्ट को तैयार किया है। विशेषज्ञों ने प्रतियोगिता में अन्य कालेज से आए प्रोजेक्ट की पड़ताल के बाद इसे सर्वश्रेष्ठ घोषित किया। कालेज की ओर से छात्र को सहयोग करने और इसी माडल के तर्ज पर मुख्य द्वार को विकसित करने की घोषणा की गई। इस प्रोजेक्ट के लिए छात्र को आर्थिक रूप से सहयोग का भी आश्वासन दिया गया। इसके अलावा इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने बिना बिजली से संचालित फ्रिज, बेगूसराय के छात्रों ने रेल दुर्घटना रोकने के लिए प्रोजेक्ट की प्रस्तुति दी। विशेषज्ञों ने इसे भी सराहा।

रोबो चैंपियन बनी समस्तीपुर की टीम, मेजबान एमआइटी का भी शानदार प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर इंस्टीट््यूट आफ टेक्नोलाजी (एमआइटी) में तीन दिवसीय टेकफेस्ट के अंतिम दिन गर्वमेंट इंजीनियङ्क्षरग कालेज (जीईसी), समस्तीपुर की टीम ने रोबोवार और रोबो साकर के फाइनल मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज की। इसके साथ ही रोबो चैंपियन का खिताब भी समस्तीपुर की टीम ने अपने नाम कर लिया। संध्या में रोबोवार (रोबोट दंगल) में पहले से ही फाइनल में पहुंची 'समस्तीपुर वारियर्सÓ का मुकाबला बेगूसराय के Óत्रिशोल्ड सागर दाराÓ से हुआ। बुधवार की शाम वारियर्स से हार के बाद दारा गुरुवार को पूरे उत्साह के साथ अखाड़े में उतरा। बेगूसराय के दारा ने सेमीफाइनल मुकाबले में दरभंगा के द्रोणा को जबरदस्त शिकस्त दी। इससे फाइनल के लिए उसका उत्साह और बढ़ गया, लेकिन यह उत्साह उस वक्त ठंडा पडऩे लगा जब फाइनल में अखाड़ा में उतरने के साथ ही वारियर्स ने उसे उठा-उठाकर पटकना शुरू किया। पहला हाफ समाप्त होने तक वारियर्स ने दारा को छह बार दंगल के मैदान से बाहर फेंक दिया। दारा के तेज कटर और तकनीक वारियर्स को एक भी पग पीछे नहीं धकेल सके। बेगूसराय के दारा को 120 अंक मिले वहीं समस्तीपुर वारियर्स ने इसमें 270 अंक हासिल कर रोबो की बाजी अपने नाम कर ली। प्रतियोगिता के बाद दरभंगा और बेगूसराय के रोबोट के साथ अकेले समस्तीपुर का रोबोट मैदान में उतरा। इस शो मैच में भी वारियर्स ने दोनों को धूल चटा दिया। रोबोवार का रोमांच इतना था कि हर कोई उसे अपने कैमरे में कैद करने को बेताब दिखा। प्राचार्य डा.सीबी महतो समेत अन्य सभी शिक्षक इस प्रतियोगिता के फाइनल के साक्षी बने। बता दें कि तीन दिनों तक एमआइटी की मेजबानी में संचालित इस टेकफेस्ट में प्रदेश के 23 इंजीनियङ्क्षरग कालेजों ने हिस्सा लिया। प्रदेश भर से आए छात्र-छात्राओं ने एमआइटी में मिले माहौल की प्रशंसा की।