यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तारापुर विधानसभा क्षेत्र से 29 उम्मीदवारों ने ठोकी ताल, अंतिम दिन 12 ने कराया नामांकन
मुंगेर। विधानसभा चुनाव 2020 के लिए प्रथम चरण में होने वाले चुनाव के लिए नामांकन पर्चा दाखिल कर

मुंगेर। विधानसभा चुनाव 2020 के लिए प्रथम चरण में होने वाले चुनाव के लिए नामांकन पर्चा दाखिल करने का कार्य गुरुवार को समाप्त हो गया। 164 तारापुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से सर्वाधिक 29 प्रत्याशियों ने निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार के समक्ष नामांकन का पर्चा दाखिल किया। नामांकन पर्चा दाखिल करने के अंतिम दिन 12 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। वहीं, पांच लोगों ने नामांकन शुल्क जमा कर नाजिर रसीद कटाने के बावजूद नामांकन का पर्चा नहीं भरा। सहायक निर्वाची पदाधिकारी वसीम अकरम ने बताया कि नामांकन पर्चा दाखिल करने के अंतिम दिन बुधवार को लौना निवासी अरविद कुमार सिंह ने भारतीय सबलोग पार्टी से, महादेवपुर की डेजी देवी ने निर्दलीय, कमराय के रवि रंजन कुमार सूरज ने द प्लूरल्स पार्टी से, तिलवरिया खड़गपुर की मीना देवी ने लोक जनशक्ति पार्टी से, प्यारपुर निवासी जीतेंद्र कुमार ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से, पनसाय निवासी कन्हैयालाल मिश्र ने निर्दलीय, तिलवरिया निवासी राहुल कुमार सौरभ ने निर्दलीय, कमरगामा निवासी बलराम चौधरी ने निर्दलीय, जमुई के सुनील कुमार बिद ने निर्दलीय, पुरुषोत्तमपुर के शंकर प्रसाद बिद ने निर्दलीय, बंशीपुर निवासी जयराम सिंह ने निर्दलीय तथा बनहरा निवासी राजेश कुमार सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन का पर्चा भरा। इस प्रकार कुल 29 उम्मीदवारों ने तारापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया गया है। इधर, गुरुवार को नामांकन के अंतिम दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बताते चलें कि बुधवार को तारापुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी के रूप में डॉ. मेवालाल चौधरी और राजद प्रत्याशी के रूप में दिव्या प्रकाश ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया था।
नामांकन में उमड़ी भीड़ नामांकन के अंतिम दिन विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। दिन भर प्रखंड परिसर के गांधी प्रतिमा स्थल से मुख्य मार्ग तक लोगों की जबरदस्त भीड़ थी। कोरोना बचाव के लिए लोगों में कोई सावधानी नहीं दिखी। शारीरिक दूरी, मास्क के इस्तेमाल के प्रति उम्मीदवार के समर्थकों की लापरवाही दिखी। इसके लिए न लोग खुद जागरूक थे और न ही प्रशासन द्वारा कोई घोषणा की जा रही थी।