फुटपाथी दुकानदारों का नहीं हुआ पुनर्वास, अतिक्रमण ने एक बार फिर बिगाड़ी शहर की सूरत

मुंगेर। शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर एक महीने तक निरंतर अभियान चलाया गया। प्रत्येक दि

By JagranEdited By: Publish:Fri, 21 Sep 2018 05:53 PM (IST) Updated:Fri, 21 Sep 2018 05:53 PM (IST)
फुटपाथी दुकानदारों का नहीं हुआ पुनर्वास, अतिक्रमण ने एक बार फिर बिगाड़ी शहर की सूरत
फुटपाथी दुकानदारों का नहीं हुआ पुनर्वास, अतिक्रमण ने एक बार फिर बिगाड़ी शहर की सूरत

मुंगेर। शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर एक महीने तक निरंतर अभियान चलाया गया। प्रत्येक दिन सुबह शाम अतिक्रमण के खिलाफ अधिकारी सड़क पर उतरे, इसके बाद भी शहर की सड़कें पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सकी। इसकी सबसे वजह है, अब तक वेंडरों के पुनर्वास की व्यवस्था नहीं हो पाना। अतिक्रमण हटाने के दौरान जब वेंडर आक्रोशित हो उठे, तब अधिकारियों ने उनके पुनर्वास की योजना बनाई। लेकिन अभियान समाप्त होते ही योजनाएं फाइलो में सिमट गई। इस कारण एक बार फिर से अतिक्रमण की समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है। इस बीच निगम प्रशासन द्वारा चल रहे सतत निगरानी के नाम पर अतिक्रमणकारी व निगम कर्मी के बीच चुहा बिल्ली का खेल चल रहा है।

नाम बड़े पर दर्शन छोटे

शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर बनाई गई योजनाओं के क्रियान्वयन पर गौर करें तो नाम बड़े व दर्शन छोटे वाली कहावत ही चरितार्थ होती है। 9 जून 18 को प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक कर शहर से अतिक्रमण हटाने को लेकर संयुक्त नीति बनाई गई और 20 जून से अभियान भी चला। वेंडरो के आक्रोश को देखते हुए उनके पुनर्वास को लेकर डीएम कौड़ा मैदान के गढ़ैया मार्केट स्थित वेंडरजोन के प्रस्तावित स्थल पर पहुंचे और उसे तत्काल व्यवस्थित करने को लेकर अधिनस्त अधिकारियों को कई निर्देश दिए। लेकिन अब भी वहां की स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रस्तावित स्थल अभी भी स्थानीय लोगों के कूड़ा कचरा फेकने की जगह बनकर रह गया है। गौरतलब हो कि अतिक्रमण हटाने के बाद वेंडरों के पुनर्वास को लेकर राजा बाजार, कौड़ा मैदान गढ़ैया मार्केट एवं बेकापुर में वेंडर जोन बनाने की योजना बनाई गई थी।

इन सड़कों से हटाए गए थे अतिक्रमण

एक नंबर ट्रैफिक से सदर अस्पताल रोड, एक नंबर ट्रैफिक से पूरबसराय ढ़ाला ,एक नंबर ट्रैफिक से भगत ¨सह चौक से सोझी घाट, कौड़ा मैदान से जुबली बेल, कस्तूरबा वाटर व‌र्क्स से गोला रोड होकर अंबे चौक तक अतिक्रमण हटाने का कार्य किया गया था। लेकिन इन जगहों पर फिर से अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमा लिया है।

मोटरसाइकिल पार्किंग स्टैंड पर भी अमल नहीं

सड़कों पर लगने वाले मोटरसाइकिल के कारण भी बाजारों में अतिक्रमण की समस्या होती है। इसे लेकर शहर में पांच जगह पर पार्किंग व्यवस्था की योजना निगम ने बनाई लेकिन इस पर भी अब तक अमल नहीं हो पाया है। गौरतलब है कि शहीद स्मारक के निकट, पोलो मैदान पश्चिमी दीवार के पीछे, कर्ण बिहार होटल के सामने, सरकारी बस स्टैंड, बागवान रेस्टूरेंट कंपनी गोर्डेन गेट पर एवं नगर भवन के पूर्वी गेट पर पार्किग स्टैंड बनाने की योजना बनाई गई है।

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