डीएम के निरीक्षण में सूखे मिले पेड़, कार्रवाई का दिया आदेश

मधुबनी। एक ओर सरकार पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए कई योजनाए जमीन पर ला रही है। मगर प्रखंड स्तर पर पदाधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से इन योजनाओं की स्थिति काफी खराब है।

By JagranEdited By: Publish:Mon, 28 Oct 2019 11:37 PM (IST) Updated:Tue, 29 Oct 2019 06:30 AM (IST)
डीएम के निरीक्षण में सूखे मिले पेड़, कार्रवाई का दिया आदेश
डीएम के निरीक्षण में सूखे मिले पेड़, कार्रवाई का दिया आदेश

मधुबनी। एक ओर सरकार पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए कई योजनाए जमीन पर ला रही है। मगर, प्रखंड स्तर पर पदाधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही से इन योजनाओं की स्थिति काफी खराब है। रहिका प्रखंड में जल जीवन हरियाली योजना के तहत लगाए गए पौधे सूख गए हैं। यह मामला डीएम शीर्षत कपिल अशोक के निरीक्षण में सामने आया। डीएम ने इसके लिए दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है।

डीएम ने रहिका के कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा को पत्र में कहा कि सौराठ सभा गाछी का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान पाया गया कि उक्त गाछी में जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम के तहत कराये गए पौधारोपण में अधिकतार पौधे सूख गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि लगाए गए पौधे में सिचाई नही की गई है। वहीं इसकी सुरक्षा के लिए रखे गए वनरक्षी द्वारा इसका देखभाल नही करते हैं।किया जा रहा है। इसे लेकर डीएम ने इस मामले में कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा के कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने को लेकर तीन दिनों के अंदर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करने एवं लगाए गए पौधे के संरक्षण के लिए समुचित करवाई सुनिश्चित करने तथा संबंधित वनरक्षी के विरुद्ध कर अवगत कराने का निदेश दिया गया है।

वही कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को सौराठ गांव में अवस्थित बड़ी क्षमता के पानी टंकी के काफी दिनों से बंद रहने एवं बोरिग के चौक होने तथा पाइप के लीकेज की जानकारी ग्रामीणों द्वारा दिए जाने से डीएम ने पहले ही भ्रमण के दौरान कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। मगर, अब तक कोई कार्रवाई नही हुई। कार्यपालक अभियंता, पीएचईउी को उक्त पानी टंकी की मरम्मति कराकर जलापूर्ति व्यवस्था सु²ढ़ करने हेतु अविलंब आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

साथ ही कार्यपालक अभियंता, लघु सिचाई प्रमंडल, मधुबनी को कहा गया कि सौराठ सभा गाछी में पूर्व से अवस्थित सार्वजनिक कुआं के कचड़ा से भड़े होने के कारण इसका उपयोग नही हो पा रहा है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि प्रतिवर्ष यहां एक माह का वैवाहिक मेला लगता है। यहां काफी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं।इन कुआं के जल का उपयोग करते है। इसको लेकर निर्देश दिया गया कि जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत इस कुआं का जीर्णोद्धार कराना सुनिश्चित करें।

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