दिल थामकर करना पड़ता है इन ट्रेनों का सफर, कहीं समंदर तो कहीं खड़ी चट्टानों के बीच बिछी है पटरी
इन रूट्स पर ट्रेनें समंदर, गहरी घाटियों और खड़ी चट्टानों के बीच से गुजरती हैं।

दुनिया के सबसे खतरनाक रेलवे ट्रैक (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रेन का सफर आखिर किसे पसंद नहीं होता? यह जितना किफायती है, उतना ही आरामदायक भी, पर क्या हो अगर यह एडवेंचर में बदल जाए। जी हां, हम बात कर रहे हैं देश-दुनिया की उन ट्रेनों के बारे में, जो इतनी डरावनी हैं कि खिड़की से झांकने पर किसी को भी अपनी मौत का मंजर दिख सकता है।
ऐसे में इन ट्रेनों से केवल वो ही व्यक्ति सफर कर सकता है, जिसका दिल मजबूत हो। आइए दुनिया के इन खतरनाक रेलवे ट्रैक पर एक नजर डालें।
चेन्नई-रामेश्वरम रूट, भारत
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से रामेश्वरम को जोड़ने वाला वाला यह ट्रैक साल 1914 में बने पंबन पुल से होकर गुजरता है। यह पुल हिन्द महासागर पर करीब 2.3 किलोमीटर लंबा बना हुआ है। यह खतरनाक इसलिए है क्योंकि इस रूट से ट्रेन समंदर से बीचों-बीच से होकर गुजरती है, जिस वजह से बाहर झांकने पर ऐसा लग सकता है कि ट्रेन पानी के ऊपर चल रही हो। सबसे दिलचस्प बात जहाजों को रास्ता देने के लिए यही पुल ऊपर की तरफ वर्टिकल भी उठ जाता है।
डेविल्स नोज ट्रेन, इक्वाडोर
इक्वाडोर में चलने वाली डेविल्स नोज ट्रेन दुनिया के सबसे रोमांचक ट्रेन रूटों में से एक है। 20 वीं सदी में बने खड़ी चट्टानों के बीच जिगजैग रास्तों से गुजरती यह ट्रेन सांसे थमा सकते हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि इस ट्रेन का सफर महज 12 किलोमीटर है, लेकिन यह इस दौरान 500 मीटर की ऊंचाई से नीचे उतरती है।
व्हाइट पास एंड युकोन रूट, अलास्का
इस लिस्ट में अलास्का का व्हाइट पास एंड युकोन रेलवे रूट भी शामिल है। स्कैगवे से शुरू होकर कनाडा के युकोन स्थित व्हाइटहॉर्स जाने वाली यह ट्रेन 177 किमी लंबी है। बताते चलें कि इस ऐतिहासिक नैरो-गेज रेलवेलाइन का निर्माण 1898 में 'क्लोंडाइक गोल्ड रश' के दौरान किया गया था। इसके रूट में पड़ने वाले बर्फ से ढके पहाड़ और संकरे रास्ते किसी का भी दिल दहला सकते हैं।
डेथ रेलवे, थाईलैंड
थाईलैंड में डेथ रेलवे को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया था। यह ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक करीब 415 किलोमीटर लंबा है, जिसका रूट थाईलैंड के बान पोंग को म्यांमार से जोड़ता है। कहते हैं कि जंगलों के बीच से गुजरने वाले इस पुल को जापानी ने 60,000 युद्धबंदियों और 180,000 एशियाई लोगों से जबरन बनवाया था।
इसमें 1 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे, इसी वजह से इस रेलवे ट्रैक का नाम डेथ रेलवे पड़ा। इस रेलवे ट्रैक का रास्ता घने जंगलों, गहरी घाटियों, और खतरनाक पहाड़ियों से होकर जाता है, इसके चलते यह रूट दुनियाभर में खतरनाक ट्रैक में गिना जाता है।
