नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। हम मानकर चलते हैं कि देश के किसी भी कोने में जाने की हमें पूरी आजादी है। हम जहां-चाहें वहां घूम-फिर सकते हैं,  लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में कुछ ऐसी जगहें हैं,जहां भारतीयों के जाने पर रोक लगी हुुई है। यहां केवल विदेशी ही घूम सकते हैं। ये सुनकर आप भले ही चौक गए होंगे कि आखिर देश में ऐसी कौन सी जगह है, जहां देशवासियों के जाने पर रोक लगी हुई है और यहां विदेशी आराम से मौज-मस्ती कर सकते हैं तो आइए हम आपको बताते हैं।

कसोल में ‘फ्री कसोल कैफे’ पर रोक

हिमाचल प्रदेश तो हमेशा ही टूरिस्टों की पहली पसंद रहा है। यहां के प्राकृतिक नजारे हमेशा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं। यहां के कसोल गांव देखने के लिए देश-दुनिया घूमने आते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहां के फ्री कसोल कैफे (Free Kasol Cafe) रेस्टोरेंट में भारतीयों के आने पर बैन लगा हुआ है। कोई भी भारतीय यहां नहीं जा सकते हैं। इसके पीछे की वजह बताई जाती है कि यहां के कैफे मालिक का मानना है कि यहां आने वाले ज्यादातर भारतीय पर्यटक पुरुष होते हैं, जो कि यहां दूसरे पर्यटकों से दुर्व्यवहार करते हैं।

गोवा में कुछ बीच सिर्फ 'फॉर्नर्स के लिए 

गोवा यूं तो यंगस्टर्स की पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां के बीच और खूबसूरत नजारे देखने के लिए देश-दुनिया से लोग आते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहां भी एक ऐसा बीच है, जहां भारतीयों के आने पर रोक लगी है। इस बीच का नाम है 'फॉर्नर्स ओन्ली' बीच’। यहां भी भारतीय नहीं जा सकते। दरअसल यहां विदेशी महिलाएं पर्यटक वेर्स्टन ड्रेसेज में होती हैं और यहां आकर भारतीय उनके साथ छेड़खानी करते हैं। इसलिए इन घटनाओं से बचने के लिए यहां के लोगों ने ये फैसला लिया है।

चेन्नई के लॉन्ज में भी रोक है

चेन्नई के कुछ होटल ऐसे हैं, जहां देशवासी नहीं जा सकते। इसमें सबसे प्रमुख लॉज है, ब्रॉडलैंड लॉज है, यहां सिर्फ देशवासी ही जा सकते हैं। यह लॉन्ज पुराने समय में राजा-महाराजा का महल हुआ करता था जो आज के समय में एक होटल बन गया है और 'नो इंडियन पॉलिसी' पर चलता है। यहां सिर्फ विदेशियों को ही रहने के लिए कमरे दिए जाते हैं।

पुडुचेरी में भी 'फॉर्नर्स ओन्ली'

गोवा की तरह पुडुचेरी में भी एक ऐसा बीच है, जहां भारतीयों के लिए नो एंट्री है। यहां सिर्फ विदेशियों को ही आने की इजाजत मिलती है। इस बीच में भारतीयों की मनाही के पीछे भी गोवा की ही तरह तर्क दिया जाता है कि विदेशी पर्यटकों' को छेड़खानी से बचाने के लिए ऐसा किया जाता है।

Posted By: Nandini Dubey

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