नीलगिरी पहाड़ियों पर स्थित हिल स्टेशन्स में कुन्नूर दूसरा सबसे बड़ा हिल स्टेशन है जो खासतौर से हरी-भरी वादियों, खूबसूरत जंगली फूलों और रंग-बिरंगी पक्षियों को देखने की बेहतरीन जगह है। इतना ही नहीं ट्रैकिंग और हाइकिंग का शौक रखने वालों के लिए भी यहां काफी कुछ है। तो आज कुन्नूर की कुछ ऐसी जगहों के बारे में जानेंगे जहां आप अकेले आकर भी जमकर मस्ती कर सकते हैं।

नीलगिरी माउंटेन रेलवे

ऊटी और कुन्नूर में घूमने और एक्टिविटीज के ढ़ेरों ऑप्शन्स मौजूद है जिसमें से एक है टॉय ट्रेन की राइड। पतले-पतले रास्तों, पुराने पुल, गहरी घाटियों और लंबी सुरंगों से गुजरती हुई इस ट्रेन में बैठकर अलग ही एडवेंचर का अहसास होता है।

हिडन वैली की ट्रैकिंग

किसी ऐसी जगह जाना चाह रहे हैं जो शांत भी हो साथ ही एडवेंचर से भरपूर तो हिडन वैली से परफेक्ट जगह कोई हो ही नहीं सकती। यहां एक्सप्लोर करने और फोटोग्राफी के लिए काफी सारी चीज़ें मौजूद हैं। फैमिली हो या फ्रेंडस हर किसी के साथ यहां आकर कर सकते हैं एन्जॉय।

सिम्स पार्क

कुन्नूर का ये पार्क भी घूमने की बहुत अच्छी जगह है। इस पार्क में आकर आप लगभग 85 तरह के गुलाब और भी कई तरह के फूलों की वैराइटी देख सकते हैं। ये जगह भी फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन है। वैसे यहां के लोगों इस जगह को पिकनिक स्पॉट के तौर पर देखते हैं।

लैंब रॉक की रोड ट्रिप

लैंब रॉक, कुन्नूर के बेहतरीन और पॉप्युलर डेस्टिनेशंस में से एक है। डॉलफिन के नाक जैसे शेप वाले इस हिल स्टेशन तक पहुंचने का रास्ता बड़ा ही कम्फर्टेबल है। रास्ते में कई खूबसूरत नज़ारे देखने को मिलते हैं। एडवेंचर के शौकीन हैं तो यहां की सैर बिल्कुल भी मिस न करें।

टी फैक्ट्री

कुन्नूर में टी फैक्ट्री घूमने और चॉकलेट को चखने का मौका मिले तो भला कौन ही इसे छोड़ना चाहेगा। कुन्नूर खासतौर से होममेड चॉकलेट्स, ताज़ी चाय, ऑर्गेनिक एसेंशियल ऑयल्स, स्किन केयर प्रोडक्ट्स जैसी चीज़ों के लिए मशहूर है।

कैथरीन फॉल्स

दूर-दूर से टूरिस्ट्स तमिलनाडु के इस वॉटर फॉल को देखने आते हैं। डॉलफिन रोड से यहां तक का रास्ता बहुत ही आसान है। ऊंचाई से गिरते हुए झरने का शोर और पानी का फुहारें तन-मन खुश कर देती हैं। तो यहां आकर इसका एक्सपीरियंस लेना तो बनता है।

ड्रूग फोर्ट

कुन्नूर का इतिहास भी काफी रोचक रहा है। तो अगर आप यहां साइट सीन करने वाले हैं तो ड्रूग फोर्ट को इसमें जरूर शामिल करें। ये किला न सिर्फ भारत के अनोखे इतिहास बल्कि वीर योद्धाओं का भी गवाह है।

कब आएं

कुन्नूर के बेहतरीन नज़ारों को देखने के लिए अक्टूबर से मार्च का महीना सबसे बेस्ट होता है।

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुन्नूर पहुंचने का सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है जो शहर से लगभग 42 किमी दूर है। कोयंबटूर के लिए ज्यादातर जगहों से फ्लाइट्स अवेलेबल हैं। एयरपोर्ट पर बस और कैब द्वारा आप अपने डेस्टिनेशन तक आराम से पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग

कुन्नूर का अपना रेलवे स्टेशन है जहां तक की ज्यादातर जगहों से ट्रेनें अवेलेबल हैं।

सड़क मार्ग

कुन्नूर पहुंचने के लिए बस का सफर सस्ता और अच्छा होता है। पब्लिक और प्राइवेट दोनों तरह की बसें इसके लिए यहां मौजूद हैं जिन्हें आप टाइम और कम्फर्ट के हिसाब से चुन सकते हैं।  

Posted By: Priyanka Singh

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