जिंदो आइलैंड साउथ कोरिया का तीसरा सबसे सबसे बड़ा महाद्वीप है. अनेक छोटे द्वीपों के साथ मिलकर यह जिंदो देश के नाम से भी जाना जाता है. यहां के कुत्तों की 'जिंदो' प्रजाति विश्व विख्यात है और साथ ही इस आइलैंड हर साल ऐसी घटना होती है, जिसे  यहां के स्थानीय लोगों के लिए एक जादू से कम नहीं है. यहां साल में दो बार जिंदो और मोड़ो आइलैंड के बीच बहता समुन्द्र का तेज बहाव अचानक शांत हो जाता है और इन दोनों द्वीपों के मध्य कुछ घंटो के लिए पानी का स्तर इतना काम हो जाता है कि इन दोनों को जोड़ने वाली एक सड़क पानी के बीच दिखाई देने लगती है.

यह सड़क 28 किलोमीटर लंबी और 40 मीटर चौड़ी होती है, जो कुछ घंटे के बाद विलुप्त भी हो जाती है. इस रहस्यमयी सड़क को देखने के लिए पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है और इसका अचानक विलुप्त हो जाना उनके लिए एक जादू जैसा ही होता है.
जिंदो मिरेकल सी फेस्टिवल
इस प्राकृतिक संयोग को 'जिंदो मोसेस मिरेकल' के नाम से जाना जाता है. पुराने समय में जिंदो आइलैंड पर बहुत सारे बाघ रहते थे जो आये दिन वहां गांव में रहने वाले लोगों पर आक्रमण करते रहते थे, जिससे परेशान होकर लोग गांव छोड़कर जाने लगे लेकिन दुर्भाग्य से एक 'बबोंग' नाम की बूढी महिला गांव में ही रह गयी. वह रोज समुन्द्र देवता से उसको सुरक्षित दूसरी तरफ पहुंचाने की प्रार्थना करती और एक दिन समुन्द्र देवता ने उसकी बात सुनी और बबोंग' को सपने में अपने बीच से रास्ता देने की बात कही.
जब अगले दिन वह समुन्द्र पर गयी, तो उसने पानी के दो भागों के बीच रास्ता देखा. कहते हैं कि तभी से साल में 2 दिन समुन्द्र का पानी बीच में रास्ता छोड़ दो भागों में बँट जाता है. जिंदों आइलैंड पर यह खास दिन ‘जिंदो मिरेकल सी फेस्टिवल’ के नाम से सेलिब्रेट किया जाता है, जिस पर अनेक प्रकार के उत्सवों का आयोजन होता है, जहां हजारों पर्यटक इस अद्भुत नजारे का लुफ्त उठाते हैं.
लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार यह लहरों की लयबद्धता के कारण होता है. जब सूर्य, चन्द्रमा पृथ्वी के घूमने के चक्र से उत्पन्न, गुरत्वाकर्षण बल के कारण समुन्द्र की लहरों की गति तेज अथवा कम हो जाती है, और जब लहरों का वेग अत्यधिक कम होता है तो समुन्द्र की वह सतह नजर आने लगती है, जो दोनों आइलैंड को आपस में जोड़ती है.
 

By Pratima Jaiswal