नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Safarnama App To Give New Life To Delhi's Monuments:  एक शहर में घूमने के लिए आपने गाइडबुक्स, बस टूर, वीडियो, पैम्फलेट देखें होंगे, लेकिन क्या आपने कभी किसी एप का इस्तेमाल किया है। डिजिटलाइज़ेशन को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सैलानियों के लिए दिल्ली घूमने का आसान तरीका खोज निकाला है। अब आप बिना किसी गाइड या पैसा खर्च किए पूरा दिल्ली शहर घूम सकेंगे। 

ऐसा संभव हुआ है सफरनामा नाम की एक एप के ज़रिए। सफरनामा एप में दिल्ली के विशाल इतिहास को बड़ी खूबसूरती से पेश किया है। इस परियोजना की प्रमुख अन्वेषक डेबोराह सट्टन ने कहा कि सफरनामा नाम के एप में भारत और विदेश से प्रचुर सामग्री को शामिल किया गया है।

जीपीएस की मदद से आता है नोटिफिकेशन

सट्टन ने बताया कि इस एप की परियोजना की परिकल्पना से लेकर बनाने में करीब दो साल का वक्त लगा और यह एप फोन की जीपीएस लोकेशन का इस्तेमाल कर आसपास की विरासत इमारतों के बारे में बताता है और जब आप उनके करीब होते हैं तब एक छोटा नोटिफिकेशन आता है। उन्होंने कहा कि ऐसे एप को बनाने का उद्देश्य लोगों को रोज़ाना सफर के दौरान इतिहास और विरासत के साथ जोड़ना है। एंड्रॉयड आधारित यह एप गूगल प्ले पर उपलब्ध है।

सट्टन ने कहा, "मैं चाहती थी कि जैसे मैं इस शहर की संरचना और विरासत की ऊर्जा को महसूस करता हूं वैसे ही सभी कर सकें। इसको अपने दिमाग़ में रखते हुए हमने सोचा कि हम कैसे टेक्नोलॉजी की मदद से इस शहर को सब तक पहुंचा सकते हैं। दिल्ली से जुड़ी कितनी कहानियां और ध्वनियां हैं जो सुनना बाकि हैं- ये एप इन्हें सब तक पहुंचाने का सिर्फ एक ज़रिया है। ये इतिहास और एक शानदार फ़लसफ़े को देखने का नया तरीका है। सट्टन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के समय दिल्ली में 5 साल रहीं। उसी दौरान इस शहर की ऊर्जा और जोश हमेशा के लिए उनके दिल में बस गई। 

दिल्ली से रुबरू होने का सबसे अच्छा तरीका 

इस एप में दिल्ली की तस्वीरें, शहर के बारे में पाठ्य, अख़बार की कटिंग्स और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी हैं। ये सभी चीज़ें दिल्ली की कहानी बयां करती हैं, खासकर तब कि जब बटवारे के बाद करोड़ों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था और यही हिंसा का कारण भी बना था। इसके बाद दिल्ली पूरी तरह से बदल गई थी।

शरणार्थियों को स्मारकों, मस्जिदों, मंदिरों में ठहराया गया और हज़ारों लोगों ने बेघर लोगों को अपने घर आश्रय देने के लिए अपने दरवाज़े खोल दिए थे। शरणार्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार देने के लिए शरणार्थी केंद्र खोले गए और शहर भर में सैकड़ों नए व्यवसाय स्थापित किए गए।

इस एप के ज़रिए लोग इन कहानियों को उन स्थानों पर सुन सकेंगे जहां ये घटी थीं। जैसे ही लोग अपनी रुचि के विशेष बिंदुओं के पास पहुंचेंगे, उनके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन पहुंचेगा। अगर उस जगह के बेहद करीब से गुज़रेंगे तो उनके फोन में ये एप अपने आप खुल जाएगी और उन्हें जानकारी देगी।

Posted By: Ruhee Parvez

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