विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नो शिमला, नो मनाली! अगर हिमाचल जाकर 'जिभी' नहीं घूमा तो बॉस... कुछ नहीं घूमा!

Published: Thu, 16 Jul 2026 05:30 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश की वो ऑफ बीट लोकेशन जो हरी-भरी वादियों की वजह से जानी जाती हैं।

हिमाचल प्रदेश की ऑफबीट लोकेशन जिभी (Image Source: AI Generated)

हिमाचल प्रदेश की ऑफबीट लोकेशन जिभी (Image Source: AI Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में आता है शिमला और मनाली, ऐसा लगता है इनके अलावा लोग और लोकेशंस के बारे में जानते ही नहीं है। अगर आप हिमाचल प्रदेश घूमने का प्लान कर रहे हैं तो क्यों न इस बार ऑफबीट लोकेशन का रुख किया जाए। हम यहां हिमाचल प्रदेश की छिपी हुई खूबसूरती जिभी को लेकर बात कर रहे हैं। 

हिमाचल प्रदेश की ऑफबीट लोकेशन जिभी

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंजार घाटी स्थित जिभी आपको शांति और सुकून का एहसास दिलाएगा, क्योंकि 5000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह जगह बाकी टूरिस्ट स्पॉट की तरह भीड़भाड़ वाली नहीं है। दूरी की बात करें तो यह जगह मनाली से करीब 100 किलोमीटर दूर और मंदिर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 

जिभी कैबाइन्स नामक लकड़ी, ट्री हाउस और घने देवदार के जंगलों के लिए खासतौर से जानी जाती है। अगर आप नेचर के बीच समय बिताना पसंद करते हैं तो जिभी के सुंदर झरने और प्राकृतिक नजारे एकदम मंत्रमुग्ध कर देंगे। 

जिभी में देखने लायक जगहें 

दुनिया की भीड़ से दूर हिमाचल प्रदेश की यह ऑफबीट लोकेशन कई मायनों में खास है, आइए जानते हैं जिभी के खास अट्रैक्शन: 

रघुपुर किला 

वैसे तो यह किला आज खंडहरों में गिना जाता है, लेकिन 11,155 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस किले से कुल्लू और मंडी के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाया जा सकता है। 

जालोरी पास

जिभी से लगभग 12-14 किलोमीटर की दूरी और करीब 10 हजार फीट पर स्थित जलोरी पास एक माउंटेन पास है, जहां से बर्फ से ढकी पहाड़ियों का बिल्कुल इंस्टाग्राम की रील वाला शानदार व्यू दिखता है। 

श्रृंग ऋषि मंदिर

जिभी से थोड़ी दूरी पर बग्गी गांव में स्थित श्रृंग ऋषि मंदिर यहां के स्थानीय देवता श्रृंग ऋषि को समर्पित है। उन्हें कुल्लू के 18 देवताओं में से एक माना जाता है जिनका संबंध रामायण काल से है। यही वजह है कि इस मंदिर के दर्शन करने हर साल हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। 

सेरोलसर झील 

जालोरी पास से 5 किलोमीटर की दूरी पर सेरोलसर झील है, जिसके बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके पानी में औषधीय गुण हैं। झील के किनारे बैठकर कितना सुकून मिलता है, वो कोई प्रकृति प्रेमी ही बता सकता है!