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पाटन का पटोला और एशियाई शेरों का इकलौता घर: गुजरात की ये खासियतें बनाती हैं इसे ‘पश्चिमी भारत का गहना’

Published: Sat, 18 Jul 2026 02:24 PM (IST)

गुजरात को 'पश्चिमी भारत का गहना' कहा जाता है, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, व्यापारिक कौशल और एशियाई शेरों के लिए मशहूर है।

क्यों गुजरात को कहते हैं 'ज्वैल ऑफ वेस्टर्न इंडिया?' (AI Generated Image)

क्यों गुजरात को कहते हैं 'ज्वैल ऑफ वेस्टर्न इंडिया?' (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं भारत के पश्चिम में बसे गुजरात को ‘ज्वैल ऑफ वेस्टर्न इंडिया’ यानी पश्चिमी भारत का गहना भी कहा जाता है? जी हां, अपनी सांस्कृतिक विरासत और वास्तुकला के कारण इसे ये नाम दिया गया है। महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मभूमि होने के कारण इस राज्य का इतिहास में खास स्थान है। 

 सिर्फ सांस्कृतिक विरासत ही नहीं, प्राकृतिक खूबसूरती और वन्यजीवन के लिए भी गुजरात जाना जाता है। आइए जानें इस राज्य की क्या-क्या खासियते हैं, जो इसे इतना खास बनाती हैं। 

व्यापार में सबसे आगे

ऐतिहासिक रूप से ही गुजराती समुदाय अपनी व्यापारिक सूझबूझ के लिए दुनियाभर में जाना जाता रहा है। पेट्रोकेमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल के व्यापार का गुजरात मुख्य केंद्र रहा है। सूरत हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग के काम के लिए जाना जाता है, जिसके कारण इसे डायमंड सिटी के नाम से भी जाना जाता है। 

सबसे लंबी तटीय रेखा

गुजरता के पास भारत की सबसे लंबी कॉस्टलाइन है, जो अरब सागर में लगभग 1600 किमी फैली है। इस राज्य में लगभग 41 बंदरगाह हैं, जो व्यापार के लिए काफी अहम हैं। कांडला और मुद्रा पोर्ट जैसे बंदरगाह भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए काफी अहम हैं। 

एशिया शेरों का घर

प्रकृति प्रेमियों के लिए गुजरात किसी स्वर्ग जैसा है। यहां का गीर नेशनल पार्क पूरी दुनिया में एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास है। इस राज्य में भारत में सबसे ज्यादा शेर पाए जाते हैं। इसलिए हर साल गिर नेशनल पार्क में सफारी के लिए लाखों लोग आते हैं। 

वास्तुकला की नहीं है कोई मिसाल

पाटन का रानी की वाव हो, मोढेरा का सूर्य मंदिर या प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर हो, गुजरात में बसे इन ऐतिहासिक इमारतों और मंदिरों की वास्तुकला देखकर आप हैरान रह जाएंगे। इन पर बनी बारीक नक्काशी और निर्माण शैली की कोई मिसाल नहीं है। 

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा भी गुजरात के केवडिया में स्थित है। सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ती स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की लंबाई लगभग 182 मीटर है, जो दुनियाभर में मशहूर है। 

संस्कृति और कला का संगम

गुजरात अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। गुजरात का नवरात्रि दुनियाभर में मशहूर है। नौ रातों तक चलने वाला यह उत्सव अपने गरबा और डांडिया-रास के लिए जाना जाता है। दूर-दूर से लोग गुजरात के गरबा कार्यक्रम में हिस्सा लेने आते हैं। 

कच्छ का रण उत्सव भी दुनियाभर में मशहूर है। सफेद रेगिस्तान में आयोजित होने वाला ये उत्सव गुजरात के पर्यटन का अहम हिस्सा है, जहां आप संगीत, शिल्प और संस्कृति का अनोखा मेल देख सकते हैं। गुजरात का पटोला, बांधनी, कच्छी एम्ब्रॉइडरी और वुडन हैंडिक्राफ्ट इस राज्य की कला का बेहतरीन नमूना हैं। पाटन का पटोला लाखों की कीमत में दुनियाभर में बिकता है। 

लजीज गुजराती व्यंजन

गुजराती खान-पान की भी अपनी खासियत है। ढोकला, खांडवी, थेपला, फाफड़ा-जलेबी, खमन, ऊंधियु और मशहूर गुजराती थाली का स्वाद हर कोई बड़े चाव से लेता है। 


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