विदेश ही नहीं, भारत में भी है एक Oxford, क्या आप जानते हैं किस शहर को मिला है ये खास नाम
महाराष्ट्र का पुणे शहर अपनी समृद्ध शैक्षिक विरासत के कारण 'पूर्व का ऑक्सफोर्ड' कहलाता है।

पूरब के ऑक्सफोर्ड का इतिहास है 1400 साल पुराना (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पूरे भारत में ऐसे कई शहर हैं जो अपनी कला, संस्कृति, खानपान और अनोखी चीजों के लिए मशहूर हैं। पर बात जब भी पढ़ाई-लिखाई की आती है, तो लोग विदेश पढ़ने जाने का मन बनाते हैं। ऐसे में बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में भी एक ऐसा शहर है, जो अपनी एजुकेशन की वजह से ऑक्सफोर्ड कहलाता है। आइए आपको पूर्व का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इस शहर की कहानी बताते हैं।
पूरब के ऑक्सफोर्ड का इतिहास है 1400 साल पुराना
महाराष्ट्र के पुणे शहर को 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' की खास उपाधि मिली हुई है, जिसकी जड़ें 1400 साल पुरानी है। हम सभी जानते हैं कि 19वीं शताब्दी में महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा का अभियान चलाया था। लेकिन इससे भी पहले यह शहर एक कहानी लिख रहा था। दरअसल, पुणे अतीत में मराठा साम्राज्य की राजधानी था। फिर इसके बाद महिला शिक्षा से जुड़े अभियान ने पुणे को बड़ी ख्याति दिलाई।
देश के कई बड़े संस्थान यहां मौजूद
बात चाहे रिसर्च की हो, आईटी मैनेजमेंट की हो, चाहे आर्ट और मेडिकल की; आज पुणे में इससे जुड़े 600 से भी ज्यादा कॉलेज और 23 विश्वविद्यालय मौजूद हैं। इनमें आगरकर रिसर्च इंस्ट्टीट्यूट, पुणे विद्यापीठ, नेशनल केमिकल लबोर्टरी, आयुका, फर्ग्यूसन कॉलेज, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे, आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज, सी-डैक जैसे बड़े संस्थानों के नाम शामिल हैं। बताते चलें कि भारत का फेमस फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी इसी शहर में है।
यूनाइटेड किंगडम के ऑक्सफोर्ड की तरह है माहौल
पुणे पूर्व का ऑक्सफोर्ड इसलिए भी कहा जाता है, क्योंकि इस शहर में भी यूनाइटेड किंगडम की तरह ही माहौल है। यहां की गालियां कैफे, वाइब्रेंट स्टूडेंट्स लाइफ और किताबों की दुकानों से भरी हुई हैं। कहा जाता है कि भारत समेत दुनिया के स्टूडेंट्स इस शहर में पढ़ने आते हैं।
जवाहरलाल नेहरू ने दिया था शहर को यह नाम
1950 के दशक में जब देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पुणे शहर का दौरा किया, तब यहां के शैक्षिक संस्थानों को देखते हुए उन्होंने इसे 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' कहकर संबोधित किया था। यही नाम आगे चलकर इस शहर की पहचान बन गया, जिसने अपनी यह शान आजतक बनाए रखी है।
