मूड को रिफ्रेश करने के लिए तो वीकेंड की छुट्टी काफी होती है लेकिन जब बात घूमने-फिरने की हो तब दो दिन का वक्त कैसे निकल जाता है पता ही नहीं लगता। किसी भी जगह को अच्छे से घूमने, वहां के कल्चर को समझने, मार्केट की खासियत जानने और अलग-अलग ज़ायकों को चखने के लिए तो लॉन्ग वीकेंड की ही जरूरत होती है। तो 4 जून को ईद है और ज्यादातर जगहों पर इसकी छुट्टी होती है

ऊना

मशहूर है- मंदिरों और झीलों के लिए

घूमने वाली जगहें

चितपूर्णी मंदिर, पोंग डैम, थानिक पुरा, कलेश्वर, कीला बाबा बेड़ी जी

घूमने के लिए समय

1 दिन 

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग- धर्मशाला, नज़दीकी एयरपोर्ट है, जहां से ऊना की दूरी 123 किमी है।

रेल मार्ग- अंब अंडौरा नज़दीकी रेलवे स्टेशन है वैसे चंडीगढ़ तक की भी ट्रेन लेकर आप यहां पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग- दिल्ली, पठानकोट, चंडीगढ़ हर जगह से यहां तक के लिए बसें मिल जाएंगी।

चैल

मशहूर है- हिल स्टेशन्स, क्रिकेट और व्यू प्वाइंट्स के लिए

घूमने वाली जगहें

क्रिकेट ग्राउंड, मां काली मंदिर, चैल पैलेस होटल, सिद्ध बाबा का मंदिर, चैल वाइल्डलाइफ सेंचुरी

घूमने के लिए समय

1 दिन

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग- चंडीगढ़, नज़दीकी एयरपोर्ट है। यहां से 106 किमी की दूरी तय करके चैल पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग- कालका शिमला रेलवे लाइन, जो चैल से 25 किमी दूर है।

सड़क मार्ग-  चैल तक के लिए हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की बसें आसानी से मिल जाएंगी।

सिरमौर

मशहूर है- मंदिरों, शॉपिंग और हेरिटेज साइट्स के लिए

घूमने वाली जगहें

ज्वाला जी माता, चिंतपूर्णी, शिवालिक फोसिल पार्क, चूरधार पीक, रेणुकाजी, हरिपुर, हब्बन वैली

घूमने के लिए समय

1 दिन

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग- चंडीगढ़, नज़दीकी एयरपोर्ट है। जहां से सिरमौर की दूरी 122 किमी है।

रेल मार्ग- चंडीगढ़ जंक्शन, नज़दीकी रेलवे स्टेशन है।

सड़क मार्ग-  दिल्ली, पठानकोट, चंडीगढ़, अंबाला ज्यादातर जगहों से हिमाचल टूरिज्म की बसें लगातार यहां तक के लिए चलती हैं।    

प्रागपुर

मशहूर है- मंदिरों, शॉपिंग और हेरिटेज साइट्स के लिए

घूमने वाली जगहें

चंबा पाटन

द ताल

द जज कोर्ट

ज्वालामुखी मंदिर 

घूमने के लिए समय

1 दिन

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग- धर्मशाला, नज़दीकी एयरपोर्ट है। जहां से प्रागपुर की दूरी 64 किमी है।

रेल मार्ग- अंब अंडौरा नज़दीकी रेलवे स्टेशन है वैसे चंडीगढ़ तक की भी ट्रेन लेकर आप यहां पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग-  दिल्ली, पठानकोट, चंडीगढ़, अंबाला ज्यादातर जगहों से हिमाचल टूरिज्म की बसें लगातार यहां तक के लिए चलती हैं।  

 

सोलन

मशहूर है- संस्कृति, खानपान और धरोहरों के लिए

घूमने वाली जगहें

शूलिनी देवी मंदिर, दूलनजी बून मोनेस्ट्री, मोहन शक्ति नेशनल पार्क, करोल टिब्बा, द मॉल रोड, मोतिलाल नेहरू सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी

घूमने के लिए समय

1 दिन  

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग- चंडीगढ़ एयरपोर्ट, जहां से सोलन की दूरी 66 किमी है।

रेल मार्ग- सोलन नज़दीकी रेलवे स्टेशन है जहां से बस या कैब लेकर आप आसानी से सोलन पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग- दिल्ली, पठानकोट, चंडीगढ़, अंबाला ज्यादातर जगहों से हिमाचल टूरिज्म की बसें लगातार यहां तक के लिए चलती हैं।  

परवानू

मशहूर है- रोपवे, बगीचों और व्यू प्वाइंट्स के लिए

घूमने वाली जगहें

टिंबर ट्रेल,  फलों के बगीचे, कालका, पिंजौर, मुगल गार्डन, गुरूद्वारा, कैक्टस गार्डन

घूमने के लिए समय

2 दिन

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग- चंडीगढ़ एयरपोर्ट, जहां से परवानू 1 घंटे में आराम से पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग- चंडीगढ़ नज़दीकी रेलवे स्टेशन है।

सड़क मार्ग- दिल्ली, पठानकोट, चंडीगढ़, अंबाला ज्यादातर जगहों से हिमाचल टूरिज्म की बसें लगातार यहां तक के लिए चलती हैं।  

 

कांगड़ा

मशहूर है- मंदिर और किलों के लिए

घूमने वाली जगहें

कांगड़ा फोर्ट, ब्रजेश्वरी मंदिर, तारागढ़ पैलेस, गोपालपुर नेचर पार्क, इंद्रहार पास, कारेरी लेक

घूमने के लिए समय

6 घंटे

कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग- गग्गल यहां का नज़दीकी एयरपोर्ट है। जहां से कैब द्वारा आप कांगड़ा पहुंच जाएंगे। 

रेल मार्ग- अंब अंडौर यहां का नज़दीकी रेलवे स्टेशन है।

सड़क मार्ग- दिल्ली, पठानकोट, चंडीगढ़ ज्यादातर शहरों से यहां तक के लिए बसें अवेलेबल हैं।

 

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Posted By: Priyanka Singh

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